UP : गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद के हजारों फैक्ट्री वर्कर्स के लिए अच्छी खबर आई है। लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन में अंतरिम बढ़ोतरी का फैसला किया है। यह फैसला 1 अप्रैल 202
UP : गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद के हजारों फैक्ट्री वर्कर्स के लिए अच्छी खबर आई है। लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन में अंतरिम बढ़ोतरी का फैसला किया है। यह फैसला 1 अप्रैल 2026 से लागू माना जाएगा, जिससे अब मजदूरों की जेब में ज्यादा पैसे आएंगे।
वेतन में कितनी बढ़ोतरी हुई और क्या हैं नए रेट?
सरकार ने अलग-अलग श्रेणियों के श्रमिकों के लिए वेतन तय किया है। इसमें अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों के मासिक वेतन में करीब 21% की वृद्धि की गई है। नए रेट इस प्रकार हैं:
| श्रमिक श्रेणी |
पुराना वेतन (₹) |
नया वेतन (₹) |
| अकुशल (Unskilled) |
11,313 |
13,690 |
| अर्ध-कुशल (Semi-skilled) |
12,445 |
15,059 |
| कुशल (Skilled) |
13,940 |
16,868 |
प्रशासन ने सुरक्षा और नियमों को लेकर क्या कहा?
नोएडा पुलिस कमिश्नर Laxmi Singh ने बताया कि जिले में 83 जगहों पर प्रदर्शन हुए, जिनमें से ज्यादातर शांतिपूर्ण रहे लेकिन दो जगहों पर हिंसा हुई। पुलिस ने सुरक्षा के लिए PAC और RAF की तैनाती की है और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। वहीं, जिला मजिस्ट्रेट Medha Roopam ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों को चेतावनी दी है कि वे मजदूरों के साथ बुरा व्यवहार न करें। उन्होंने निर्देश दिया है कि सैलरी हर महीने की 10 तारीख तक मिल जानी चाहिए, साथ ही सालाना बोनस और ओवरटाइम का डबल भुगतान भी करना होगा।
भविष्य में वेतन निर्धारण के लिए क्या होगा प्लान?
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय कमेटी ने यह अंतरिम फैसला लिया है। सरकार ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर चल रही 20,000 रुपये न्यूनतम वेतन की खबरें गलत और बेबुनियाद हैं। आने वाले महीने में एक ‘वेज बोर्ड’ बनाया जाएगा, जो वेतन के अंतिम ढांचे पर फैसला लेगा। इस बीच, विपक्ष और कांग्रेस नेताओं ने इस बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए 20,000 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग जारी रखी है।