UP : नोएडा के फेज-2 और सेक्टर 60 में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हजारों मजदूरों ने हिंसक प्रदर्शन किया। शांतिपूर्ण शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन पत्थरबाजी और आगजनी में बदल गया, जिससे दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर ट्रैफिक बुरी तरह
UP : नोएडा के फेज-2 और सेक्टर 60 में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हजारों मजदूरों ने हिंसक प्रदर्शन किया। शांतिपूर्ण शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन पत्थरबाजी और आगजनी में बदल गया, जिससे दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर फैली गलत खबरों की वजह से मजदूरों में गुस्सा बढ़ा और स्थिति बिगड़ गई।
हिंसा की मुख्य वजह और पुलिस की कार्रवाई क्या रही?
गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर Laxmi Singh ने बताया कि करीब 42,000 मजदूर प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इनमें से 78 जगहों पर बातचीत से मामला सुलझा लिया गया, लेकिन कुछ जगहों पर हिंसा हुई जहां पुलिस ने न्यूनतम बल का प्रयोग किया। पुलिस ने अफवाह फैलाने वाले दो सोशल मीडिया हैंडल्स और कांग्रेस के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर्स Mir Ilyas और Anushi Tiwari के खिलाफ FIR दर्ज की है। साथ ही 50 से ज्यादा बॉट अकाउंट्स की पहचान की गई है।
मजदूरों की क्या मांगें थीं और सरकार ने क्या कदम उठाए?
मजदूर वेतन बढ़ाने, डबल ओवरटाइम पेमेंट और महिलाओं के लिए POSH कमेटी बनाने की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इसे विकास रोकने की एक साजिश बताया है और लेबर डिपार्टमेंट को कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। सरकार ने अब कुछ नए नियम लागू किए हैं:
- हर महीने की 10 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य होगा।
- ओवरटाइम का डबल पैसा देना होगा।
- सभी मजदूरों को सैलरी स्लिप देनी होगी।
- शिकायतों के लिए एक अलग कंट्रोल रूम बनाया गया है।
अब तक कितने लोग पकड़े गए और जांच कैसे चल रही है?
पुलिस ने अब तक 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि कुल संख्या 300 के पार बताई जा रही है। आगजनी के शक में 5-6 संदिग्धों को पकड़ा गया है। UP STF अब उन सोशल मीडिया अकाउंट्स और व्हाट्सएप ग्रुप्स की डिजिटल जांच कर रही है, जिन्होंने बाहरी राज्यों से उकसावा फैलाकर इस हिंसा को भड़काया। DGP Rajeev Krishna ने साफ किया है कि उकसाने वाले बाहरी तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।