Noida में सीवेज टैंक की सफाई के दौरान दो की मौत, बचाने उतरे सुरक्षा गार्ड ने भी गंवाई जान

Noida: सेक्टर 150 की Eldeco सोसाइटी में रविवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ सीवेज टैंक की सफाई के दौरान एक सफाई कर्मचारी की मौत हो गई और उसे बचाने के लिए अंदर उतरे सुरक्षा गार्ड की भी जान चली गई। यह घटना शनिवार और रव

Noida: सेक्टर 150 की Eldeco सोसाइटी में रविवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ सीवेज टैंक की सफाई के दौरान एक सफाई कर्मचारी की मौत हो गई और उसे बचाने के लिए अंदर उतरे सुरक्षा गार्ड की भी जान चली गई। यह घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात की है, जिसकी खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।

जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के करौली निवासी 40 वर्षीय शशिकांत शर्मा टैंक के अंदर सफाई का काम कर रहे थे, तभी वह बेहोश होकर गिर गए। उन्हें बचाने के लिए सोसाइटी के 22 वर्षीय सुरक्षा गार्ड आकाश, जो उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला था, टैंक के अंदर उतरा। लेकिन टैंक में मौजूद जहरीली गैसों के कारण आकाश भी बेहोश हो गया और दोनों की मौत हो गई।

Noida के चीफ फायर ऑफिसर प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि 40×40 फीट के इस टैंक में पानी तो नहीं था, लेकिन मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें भरी हुई थीं। फायर ब्रिगेड की 15 सदस्यों की टीम ने करीब 50 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला। एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मौत की असली वजह जानने के लिए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और प्रशासन पीड़ित परिवारों की मदद के लिए खड़ा है।

इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) और मैनुअल स्कैवेंजर्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने ठेकेदार मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया है और चार अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसके अलावा सोसाइटी के बिल्डर, मेंटेनेंस हेड और सिक्योरिटी हेड के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

सुरक्षा गार्ड आकाश के परिवार ने आरोप लगाया है कि यह एक साजिश है और सोसाइटी ने काम के दौरान जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं दिए थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या मजदूरों को गैस डिटेक्टर और ब्रीथिंग अपीरटस जैसे सुरक्षा साधन दिए गए थे। नियमों के मुताबिक, सीवेज टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ऐसे हादसों में पीड़ित परिवारों को 30 लाख रुपये का मुआवजा मिलने का प्रावधान है।