Noida में EV चार्जिंग के दौरान लगी आग, 2 लोगों की मौत; अब सोसाइटी में इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने के लिए इन नियमों का रखें ध्यान
Noida: नोएडा की एक रिहायशी इमारत में 15 जुलाई 2026 को भीषण आग लग गई, जिसमें धुएं की वजह से दो लोगों की जान चली गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह आग एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बैटरी चार्ज होने के दौरान निकली चिंगारी स
Noida: नोएडा की एक रिहायशी इमारत में 15 जुलाई 2026 को भीषण आग लग गई, जिसमें धुएं की वजह से दो लोगों की जान चली गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह आग एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बैटरी चार्ज होने के दौरान निकली चिंगारी से लगी, जिसने पास खड़े पेट्रोल वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना के बाद पुलिस ने लापरवाही बरतने के आरोप में बिल्डिंग मालिक को हिरासत में ले लिया है और FIR दर्ज की गई है।
जांच में सामने आया कि बिल्डिंग में फायर एक्सटिंगुइशर, स्मोक डिटेक्टर और हाइड्रेंट सिस्टम जैसी जरूरी सुरक्षा सुविधाएं नहीं थीं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि वहां EV चार्जिंग के लिए कोई अलग पॉइंट नहीं था और स्कूटर को एक साधारण सॉकेट में लगाया गया था, जिसका इस्तेमाल पानी के पंप के लिए भी होता था। इसी वजह से शॉर्ट सर्किट होने की आशंका है।
इस हादसे के बाद विशेषज्ञों और सरकारी संस्थाओं ने हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में EV चार्जिंग के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। Bureau of Indian Standards (BIS) और Central Electricity Authority (CEA) के नियमों के मुताबिक, EV चार्जर के लिए एक अलग इलेक्ट्रिकल सर्किट होना चाहिए जिसमें MCB और RCCB लगा हो।
सुरक्षित चार्जिंग के लिए इन बातों का पालन करना जरूरी है:
- हमेशा कंपनी (OEM) द्वारा दिए गए ओरिजिनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें।
- चार्जिंग के लिए एक्सटेंशन कॉर्ड का प्रयोग न करें, बल्कि ट्रेन टेक्नीशियन से अलग सर्किट लगवाएं।
- बैटरी में ज्यादा गर्मी, सूजन या जलने जैसी गंध आने पर तुरंत सावधानी बरतें।
- पावर केबल को गैस पाइपलाइन या फायर एग्जिट रास्तों के पास से न ले जाएं।
Ministry of Power के 2024 के नियमों के अनुसार, निवासियों को अपनी पार्किंग में प्राइवेट चार्जर लगाने का अधिकार है, बशर्ते वह सुरक्षित तरीके से लगाया गया हो। साथ ही, नए बिल्डिंग नियमों के मुताबिक कम से कम 20% पार्किंग स्पेस EV-रेडी होना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि थर्मल रनवे EV बैटरी में आग लगने का मुख्य कारण होता है, इसलिए अधिकृत चार्जर और सही अर्थिंग का होना बहुत जरूरी है।