Maharashtra: नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) ने शहर की सड़कों और फुटपाथों को खाली कराने के लिए अपनी मुहिम तेज कर दी है। अप्रैल महीने में ही निगम ने 2,500 से ज्यादा अवैध फेरीवालों को हटा दिया है। यह कार्रवाई पैदल चलने वालों को
Maharashtra: नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) ने शहर की सड़कों और फुटपाथों को खाली कराने के लिए अपनी मुहिम तेज कर दी है। अप्रैल महीने में ही निगम ने 2,500 से ज्यादा अवैध फेरीवालों को हटा दिया है। यह कार्रवाई पैदल चलने वालों को रास्ता देने और ट्रैफिक जाम कम करने के लिए की गई है।
NMMC ने किन इलाकों में की सबसे ज्यादा कार्रवाई?
निगम ने पिछले तीन महीनों में करीब 22,000 अवैध फेरीवालों को हटाया है। इसमें सबसे ज्यादा कार्रवाई तुर्भे और बेलापुर जैसे इलाकों में हुई है। अप्रैल के महीने में अकेले ऐरोली में 370 और तुर्भे में 223 फेरीवालों को हटाया गया।
| इलाका (Node) |
हटाए गए फेरीवालों की संख्या |
| Turbhe |
7,000 से ज्यादा |
| Belapur |
3,400 से ज्यादा |
| Nerul |
3,300 से ज्यादा |
| Airoli |
लगभग 3,000 |
| Vashi |
करीब 2,800 |
| Ghansoli |
लगभग 1,200 |
| Digha |
500 से ज्यादा |
कार्रवाई की वजह और नियम क्या हैं?
यह कदम बॉम्बे हाई कोर्ट की फटकार के बाद उठाया गया है। कोर्ट ने 27 मार्च 2026 को फुटपाथों पर कब्जा होने और नियमों को लागू न करने पर नाराजगी जताई थी। NMMC कमिश्नर Kailas Shinde ने बताया कि मकसद ट्रैफिक को सुचारू करना है। इसके लिए निगम ने 2026-27 के बजट में अवैध ढांचे हटाने के लिए 12 करोड़ रुपये रखे हैं।
फेरीवालों और आम जनता की क्या है राय?
जहाँ एक तरफ पंकज बेनवंशी जैसे यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों के पास फुटपाथ अब साफ हैं और चलने में आसानी हो रही है, वहीं फेरीवालों में गुस्सा है। नवी मुंबई हॉकर एंड वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष Sayyed Peer Fakira का कहना है कि बिना सर्वे किए और बिना वेंडिंग जोन तय किए उन्हें अवैध बताकर हटाया जा रहा है, जो 2014 के स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के खिलाफ है।