Delhi: लाल किला ब्लास्ट केस में NIA ने कोर्ट में सौंपी फॉरेंसिक रिपोर्ट, 9 आरोपियों की हिरासत बढ़ी
Delhi: दिल्ली के लाल किले के पास पिछले साल हुए कार बम धमाके के मामले में सोमवार को एक बड़ा अपडेट आया है। National Investigation Agency (NIA) ने इस मामले की फॉरेंसिक रिपोर्ट स्पेशल कोर्ट में जमा कर दी है। इस भीषण धमाके मे
Delhi: दिल्ली के लाल किले के पास पिछले साल हुए कार बम धमाके के मामले में सोमवार को एक बड़ा अपडेट आया है। National Investigation Agency (NIA) ने इस मामले की फॉरेंसिक रिपोर्ट स्पेशल कोर्ट में जमा कर दी है। इस भीषण धमाके में 11 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद से ही जांच एजेंसियां आरोपियों की तलाश और सबूत जुटाने में लगी थीं।
पटियाला हाउस कोर्ट के स्पेशल जज पीतांबर दत्त ने रिपोर्ट लेने के बाद अब 13 जुलाई 2026 की तारीख तय की है। इस दिन कोर्ट फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच करेगा और मामले में आगे की कार्रवाई के साथ-साथ चार्जशीट पर भी विचार करेगा। इसी बीच कोर्ट ने इस केस से जुड़े 9 आरोपियों की न्यायिक हिरासत को 13 जुलाई तक बढ़ा दिया है।
जांच में सामने आया है कि 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास एक हाई-इंटेंसिटी कार बम (VBIED) का विस्फोट हुआ था। NIA ने अब तक इस मामले में कुल 13 लोगों पर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि मुख्य साजिशकर्ता उमेर उन नबी की मौत धमाके में ही हो गई थी, इसलिए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई खत्म करने का प्रस्ताव है।
NIA ने 27 जून 2026 को एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की थी, जिसमें जमीर अहमद हंगर, तुफैल अहमद भट और फरार डॉक्टर मुजफ्फर अहमद को आरोपी बनाया गया है। मुजफ्फर अहमद पर आरोप है कि वह एक आतंकी मॉड्यूल का संस्थापक सदस्य था और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में एक गुप्त जगह पर विस्फोटक (TATP) बनाने और उन्हें स्टोर करने का काम करता था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस पूरी साजिश की शुरुआत जून 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक के दौरान हुई थी। इस मामले में आरोपियों पर UAPA, भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।