Mumbai Press Club मीटिंग पर NIA की कार्रवाई, 6 लोगों के बयान दर्ज; Elgaar Parishad केस में जमानत रद्द करने की तैयारी
Maharashtra: Elgaar Parishad केस में NIA ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए Mumbai Press Club की 19 जनवरी की मीटिंग से जुड़े 6 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इस मामले में एजेंसी का कहना है कि जमानत पर बाहर आए आरोपियों ने कोर्ट की
Maharashtra: Elgaar Parishad केस में NIA ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए Mumbai Press Club की 19 जनवरी की मीटिंग से जुड़े 6 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इस मामले में एजेंसी का कहना है कि जमानत पर बाहर आए आरोपियों ने कोर्ट की शर्तों का उल्लंघन किया है। NIA अब इन सबूतों के आधार पर आरोपियों की जमानत रद्द करवाने की कोशिश कर रही है।
NIA ने जून के पहले हफ्ते में वरिष्ठ पत्रकार गुरबीर सिंह, बर्नार्ड डी’मेलो और श्रीकांत मोदक के साथ-साथ मुंबई प्रेस क्लब के सचिव मयूरेश गणपत्ये, चेयरमैन राजेश मस्कारेन्हास और कोषाध्यक्ष सौरभ शर्मा से पूछताछ की। गौरतलब है कि गुरबीर सिंह समेत तीन पत्रकारों को अप्रैल में प्रेस क्लब से निकाल दिया गया था। NIA का आरोप है कि इस मीटिंग का इस्तेमाल प्रतिबंधित CPI (माओवादी) की विचारधारा फैलाने और ‘अर्बन नक्सल’ आंदोलन के भविष्य पर चर्चा करने के लिए किया गया था।
एजेंसी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में आवेदन दिया है कि वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, वर्नोन गोंसाल्वेस और अरुण फरेरा जैसे आरोपियों की जमानत रद्द की जाए। NIA के मुताबिक, जमानत की शर्तों में साफ लिखा था कि आरोपी किसी भी सह-आरोपी या ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों से संपर्क नहीं करेंगे, लेकिन इस मीटिंग में वे एक साथ मौजूद थे। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट में होगी।
दूसरी तरफ, 87 साल के कवि वरवरा राव ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने जमानत की किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया और उन्हें इस मीटिंग का न्योता किसी तीसरे व्यक्ति ने मौखिक रूप से दिया था। वहीं, पूछताछ किए गए कुछ पत्रकारों का कहना है कि यह डिनर सिर्फ गौतम नवलाखा की जमानत शर्तों में ढील मिलने की खुशी में रखा गया था और वहां जेल की स्थिति और कैदियों के स्वास्थ्य पर बात हुई थी।
इस बीच, मुंबई सिटी सिविल कोर्ट ने पत्रकार गुरबीर सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने प्रेस क्लब से अपने निष्कासन को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि चूंकि NIA ने जमानत रद्द करने की अर्जी दी है, इसलिए मामला अभी लंबित है।