Delhi: लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार बम धमाके के मामले में NIA ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने अदालत में 7,500 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट पेश की है, जिसमें 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पटियाला हाउस कोर
Delhi: लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार बम धमाके के मामले में NIA ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने अदालत में 7,500 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट पेश की है, जिसमें 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पटियाला हाउस कोर्ट के स्पेशल जज पीतांबर दत्त ने इस चार्जशीट पर विचार करने के लिए 4 जून 2026 की तारीख तय की है।
क्या था पूरा मामला और कौन हैं आरोपी
इस धमाके में 11 लोगों की जान गई थी और कई लोग घायल हुए थे। NIA के मुताबिक, इस साजिश के पीछे अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) और उसके सहयोगी संगठन ‘अंसार गज़वात-उल-हिंद’ (AGuH) का हाथ था। मुख्य आरोपी डॉ. उमेर उन नबी की मौत हो चुकी है, जबकि आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी और डॉ. मुजम्मिल शकील समेत अन्य 9 लोग नामजद हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें कुछ आरोपी पेशे से डॉक्टर थे जो कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हो गए थे।
‘ऑपरेशन हेवनली हिंद’ और धमाके की साजिश
चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने 2022 में ‘AGuH Interim’ नाम से संगठन बनाया था। इनका मकसद ‘ऑपरेशन हेवनली हिंद’ के जरिए भारत सरकार को गिराकर शरिया कानून लागू करना था। धमाके के लिए TATP नाम के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था, जिसे आरोपियों ने चोरी-छिपे सामान जुटाकर खुद बनाया था। इस मामले की जांच दिल्ली-NCR के अलावा जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में की गई।
जांच में क्या-क्या सबूत मिले
NIA ने इस केस को पुख्ता करने के लिए बहुत बड़ा डेटा जुटाया है। जांच के दौरान 588 लोगों के बयान दर्ज किए गए और 395 से ज्यादा दस्तावेजों की जांच हुई। इसके अलावा 200 से ज्यादा जब्त किए गए सामानों को सबूत के तौर पर पेश किया गया है। आरोपियों पर UAPA, भारतीय न्याय संहिता 2023, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 और आर्म्स एक्ट जैसी कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लाल किले के पास हुए धमाके में कितने लोग मारे गए थे
इस कार बम धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
इस साजिश के पीछे कौन सा संगठन था
NIA के अनुसार, यह हमला अल-कायदा (AQIS) और अंसार गज़वात-उल-हिंद (AGuH) से प्रेरित था, जिनका मकसद भारत सरकार को उखाड़ फेंकना था।