UP: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार बम धमाके और फरीदाबाद में विस्फोटक मिलने के मामले में NIA ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने 14 मई 2026 को 7,500 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की। इस जांच में
UP: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार बम धमाके और फरीदाबाद में विस्फोटक मिलने के मामले में NIA ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने 14 मई 2026 को 7,500 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की। इस जांच में खुलासा हुआ है कि यह हमला किसी एक शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे भारत में आतंकी हमलों की एक बड़ी साजिश थी, जिसके तार लखनऊ तक जुड़े हुए हैं।
कौन हैं इस नेटवर्क में शामिल लोग और क्या था प्लान
NIA की चार्जशीट के मुताबिक, इस आतंकी नेटवर्क में केवल अपराधी ही नहीं, बल्कि पेशेवर लोग और मेडिकल एक्सपर्ट्स भी शामिल थे। अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) की विचारधारा से प्रभावित युवाओं को इसमें जोड़ा गया था। जांच में सामने आया कि लखनऊ जैसे शहरों को ऑपरेशनल बेस बनाया गया था। आतंकियों की योजना हिंदू बहुल इलाकों को निशाना बनाने की थी ताकि सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ा जा सके।
Lucknow में छापेमारी और संदिग्धों की तलाश
फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन सईद और डॉ. परवेज अंसारी के कनेक्शन के बाद ATS और अन्य एजेंसियों ने लखनऊ में छापेमारी की। जांच में पता चला कि ये लोग शहर के 7-8 संदिग्ध लोगों के संपर्क में थे। पुलिस और एजेंसियां अब इन लोगों की तलाश कर रही हैं। कई संदिग्धों के मोबाइल नंबर बंद मिले हैं और कुछ ने अपने ठिकाने बदल लिए हैं। एजेंसियों ने डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं और कॉल डिटेल व चैट रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
कौन-कौन सी एजेंसियां और संगठन इस मामले से जुड़े हैं
इस बड़े मामले की जांच में NIA, ATS, जम्मू-कश्मीर पुलिस, स्पेशल सेल और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) मिलकर काम कर रही हैं। जांच में जैश-ए-मोहम्मद (JeM), अंसार गजवत-उल-हिंद (AGUH) और AQIS जैसे संगठनों का नाम सामने आया है। पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। चार्जशीट में डॉक्टर भाई-बहन और उनके सहयोगियों के खिलाफ सभी सबूत पेश किए गए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लाल किला कार बम धमाका कब हुआ था और NIA ने क्या कार्रवाई की?
यह धमाका 10 नवंबर 2025 को हुआ था। NIA ने 14 मई 2026 को इस मामले में 7,500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें पूरे भारत में फैले आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया गया है।
लखनऊ के लोग इस आतंकी मॉड्यूल में कैसे शामिल थे?
जांच में पता चला कि लखनऊ एक ऑपरेशनल बेस के रूप में इस्तेमाल हुआ। गिरफ्तार डॉ. शाहीन सईद और डॉ. परवेज अंसारी लखनऊ के 7-8 लोगों के संपर्क में थे, जिनमें कुछ मेडिकल क्षेत्र से जुड़े सफेदपोश लोग भी शामिल हो सकते हैं।