Delhi High Court में NIA की अर्जी, खुरराम परवेज और इरफान मेहराज की जमानत को दी चुनौती

Delhi: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मानवाधिकार कार्यकर्ता खुरराम परवेज और पत्रकार इरफान मेहराज को मिली जमानत के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। NIA ने इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग की है, जिसे कोर्

Delhi: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मानवाधिकार कार्यकर्ता खुरराम परवेज और पत्रकार इरफान मेहराज को मिली जमानत के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। NIA ने इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग की है, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अब इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच करेगी।

यह पूरा मामला 2020 के NGO टेरर फंडिंग केस से जुड़ा है। NIA का आरोप है कि जम्मू-कश्मीर Coalition of Civil Society (JKCCS) जैसे NGO के जरिए विदेशी पैसा जुटाया गया और उसे हिजबुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों तक पहुंचाया गया। NIA के मुताबिक, खुरराम परवेज ने 2016 में कश्मीर में हुए बवाल के दौरान प्रदर्शनकारियों को मदद पहुंचाई थी।

इससे पहले 18 जुलाई 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशन्स जज पितंबर दत्त ने इन दोनों आरोपियों को जमानत दे दी थी। NIA ने इस फैसले को चुनौती देते हुए सोमवार को हाई कोर्ट में अपील की। NIA की तरफ से सीनियर काउंसिल माधव खुराना ने दलील दी कि इस मामले में तुरंत सुनवाई की जरूरत है। हालांकि, आरोपियों के वकीलों ने इस जल्द सुनवाई का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने इसे सुनने की सहमति दे दी।

जानकारी के मुताबिक, खुरराम परवेज को नवंबर 2021 में और इरफान मेहराज को मार्च 2023 में गिरफ्तार किया गया था। इस केस में पाकिस्तान निवासी गुलाम हसन बाना को भी तीसरा आरोपी बनाया गया है। दोनों आरोपियों ने NIA के सभी आरोपों को गलत बताया है।