Punjab: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एजेंसी ने पाकिस्तान से जुड़े आतंकी संगठन हिजबुल् मुजाहिदीन (HM) के करीबी और नार्को-टेररिस्ट इकबाल सिंह उर्फ शेरा को गिरफ्तार कर लिया है। शेरा को पु
Punjab: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एजेंसी ने पाकिस्तान से जुड़े आतंकी संगठन हिजबुल् मुजाहिदीन (HM) के करीबी और नार्को-टेररिस्ट इकबाल सिंह उर्फ शेरा को गिरफ्तार कर लिया है। शेरा को पुर्तगाल से प्रत्यर्पण (Extradition) के बाद बुधवार, 13 मई 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया।
कौन है इकबाल सिंह उर्फ शेरा और उसने क्या किया?
इकबाल सिंह पंजाब के अमृतसर का रहने वाला है। NIA के मुताबिक शेरा एक बड़े नार्को-टेरर मॉड्यूल का मास्टरमाइंड और हैंडलर था। वह पाकिस्तान से पंजाब में हेरोइन की तस्करी करवाता था और ड्रग्स के नेटवर्क को संभालता था। आरोप है कि वह ड्रग्स बेचकर जो पैसा कमाता था, उसे हवाला के जरिए पाकिस्तान और कश्मीर में हिजबुल् मुजाहिदीन के आतंकियों तक पहुंचाता था ताकि आतंकी गतिविधियों के लिए फंड मिल सके।
गिरफ्तारी में कितनी मुश्किल आई और कैसे पकड़ा गया?
शेरा साल 2020 से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ अक्टूबर 2020 में गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था और जून 2021 में इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी किया था। भारत ने उसे वापस लाने के लिए पुर्तगाल से अपील की थी, जिसे पहले दिसंबर 2021 में खारिज कर दिया गया था। लेकिन भारत की लंबी कानूनी और राजनयिक कोशिशों के बाद पुर्तगाल ने उसे सौंपने की मंजूरी दी, जिसके बाद उसे भारत लाया गया।
इस केस में और कौन लोग शामिल थे?
इस पूरे नेटवर्क में कई लोग शामिल थे। जांच में हिलाल अहमद शेरगोजरी नाम के एक व्यक्ति का जिक्र आया है, जो हिजबुल् मुजाहिदीन का ओवरग्राउंड वर्कर था। वह मारे गए आतंकी कमांडर रियाज अहमद नाइकू का करीबी था। जांच एजेंसी ने शेरगोजरी से ड्रग्स की कमाई के करीब 29 लाख रुपये भी बरामद किए थे। यह मामला पहले पंजाब पुलिस के पास था, जिसे बाद में NIA ने अपने हाथ में ले लिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इकबाल सिंह उर्फ शेरा को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
इकबाल सिंह को पुर्तगाल से प्रत्यर्पण के बाद 13 मई 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट पर NIA की टीम ने गिरफ्तार किया।
शेरा का मुख्य काम क्या था?
शेरा पाकिस्तान से पंजाब में हेरोइन की तस्करी का मास्टरमाइंड था और ड्रग्स के पैसों को हवाला के जरिए आतंकी संगठन हिजबुल् मुजाहिदीन को भेजता था।