Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। शहर की तीन सबसे व्यस्त सड़कों पर लगने वाले भारी जाम को खत्म करने के लिए NHAI ने एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस योजना के तहत मथुरा रोड, टीकरी बॉर्डर और एमजी रोड को
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। शहर की तीन सबसे व्यस्त सड़कों पर लगने वाले भारी जाम को खत्म करने के लिए NHAI ने एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस योजना के तहत मथुरा रोड, टीकरी बॉर्डर और एमजी रोड को पूरी तरह सिग्नल-फ्री बनाया जाएगा, जिससे दिल्ली से गुरुग्राम और फरीदाबाद जाने वालों का सफर आसान हो जाएगा।
किन सड़कों पर होगा काम और क्या है प्लान
NHAI अब मथुरा रोड (इंडिया गेट से बदरपुर तक 15 किमी), टीकरी बॉर्डर रोड (पंजाबी बाग से हरियाणा बॉर्डर तक 17 किमी) और एमजी रोड (अंधेरिया मोड़ से गुरुग्राम बॉर्डर तक 18 किमी) पर काम करेगा। इन रास्तों को सिग्नल-फ्री बनाने के लिए नए फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, इस काम के पूरा होने के बाद यात्रा के समय में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी आएगी और ईंधन की भी बचत होगी।
नितिन गडकरी का मास्टर प्लान और बजट
केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने दिल्ली-NCR को जाम मुक्त बनाने के लिए 34,800 करोड़ रुपये का एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत 186 किलोमीटर लंबे नए एक्सप्रेसवे, टनल और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसी योजना में शिव मूर्ति से वसंत कुंज तक 8 किलोमीटर लंबी 6-लेन की अंडरग्राउंड टनल भी शामिल है, जिसकी लागत 7,000 करोड़ रुपये होगी।
अन्य जरूरी अपडेट और फायदे
जाम कम करने के लिए कालिंदी कुंज में 350 करोड़ रुपये की लागत से टू-लूप फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को भी मंजूरी मिल गई है, जिससे दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच ट्रैफिक सुधरेगा। इन प्रोजेक्ट्स का फायदा न केवल दिल्ली वालों को, बल्कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आने वाले लाखों लोगों को भी मिलेगा। कुछ प्रोजेक्ट्स का जमीनी काम दिसंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किन तीन सड़कों को सिग्नल-फ्री बनाया जा रहा है
NHAI मथुरा रोड (इंडिया गेट से बदरपुर), टीकरी बॉर्डर रोड (पंजाबी बाग से हरियाणा बॉर्डर) और एमजी रोड (अंधेरिया मोड़ से गुरुग्राम बॉर्डर) को सिग्नल-फ्री बनाएगा।
इस प्रोजेक्ट से आम जनता को क्या फायदा होगा
सड़कों के सिग्नल-फ्री होने से यात्रा के समय में 30-40% की कमी आएगी, जिससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और पेट्रोल-डीजल की बचत होगी।