Delhi: राजधानी दिल्ली में 2023 में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर National Green Tribunal (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने यमुना के डूब क्षेत्र (floodplain) में हुए अवैध निर्माण और सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल की
Delhi: राजधानी दिल्ली में 2023 में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर National Green Tribunal (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने यमुना के डूब क्षेत्र (floodplain) में हुए अवैध निर्माण और सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। NGT का मानना है कि अगर समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया और सही योजना नहीं बनी, तो भविष्य में फिर से ऐसी आपदा आ सकती है।
यमुना किनारे अतिक्रमण और बाढ़ का क्या संबंध है?
NGT ने पाया कि यमुना के वजीराबाद से पल्ला तक के 22 किलोमीटर के दायरे में करीब 76 अवैध कॉलोनियां बसी हुई हैं। इस अतिक्रमण की वजह से नदी के पानी के बहाव में रुकावट आई, जिससे 2023 की बाढ़ और ज्यादा खतरनाक हो गई। केंद्र सरकार ने बताया कि ITO बैराज के सभी गेट न खुलने, गाद (silt) जमा होने और पुल निर्माण के मलबे के कारण नदी का रास्ता जाम था, जिससे बाढ़ का सही अंदाजा नहीं लग पाया।
सरकार की तैयारी और NGT की समय सीमा पर विवाद
दिल्ली सरकार ने पहले यमुना के डूब क्षेत्र की सीमा तय करने के लिए अगस्त 2026 तक का समय मांगा था, जिसे NGT ने बहुत ज्यादा और अनुचित बताया। अब सरकार ने इसकी नई समय सीमा 31 जुलाई 2026 तय की है। इसके अलावा, दिल्ली सरकार के Irrigation and Flood Control Department ने रिपोर्ट दी है कि वे 77 बड़े नालों की सफाई कर रहे हैं और कमजोर तटबंधों को मजबूत बना रहे हैं ताकि पानी रिहायशी इलाकों में न घुसे।
भविष्य के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
DDA ने मई 2022 से फरवरी 2026 के बीच करीब 1,426.6 एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है। मजनू का टीला से निगम बोध घाट तक के संवेदनशील इलाके में एक फ्लड वॉल बनाने की योजना है। साथ ही, एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है जो यह सुनिश्चित करेगी कि बैराजों का संचालन सही ढंग से हो और बारिश व नदी के जलस्तर की सटीक जानकारी समय पर मिले।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमुना के डूब क्षेत्र की सीमा तय करने की नई डेडलाइन क्या है?
दिल्ली सरकार ने NGT के निर्देश के बाद अब 31 जुलाई 2026 तक यमुना के डूब क्षेत्र (floodplain) की सीमा तय करने का लक्ष्य रखा है।
2023 की बाढ़ के लिए मुख्य कारण क्या बताए गए?
मुख्य कारणों में यमुना किनारे 76 अवैध कॉलोनियों का अतिक्रमण, नालों की अधूरी सफाई, ITO बैराज के गेटों का सही संचालन न होना और नदी में जमा गाद व मलबा शामिल था।