Navi Mumbai में टाटा कैंसर अस्पताल के पास अवैध खनन पर NGT सख्त, रायगढ़ कलेक्टर से मांगा जवाब
Maharashtra/Navi Mumbai: नवी मुंबई के खारघर इलाके में स्थित टाटा कैंसर अस्पताल (ACTREC) के पास हो रहे पत्थर खनन और ब्लास्टिंग को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। अस्पताल ने शिकायत की थी कि ब्लास्ट
Maharashtra/Navi Mumbai: नवी मुंबई के खारघर इलाके में स्थित टाटा कैंसर अस्पताल (ACTREC) के पास हो रहे पत्थर खनन और ब्लास्टिंग को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। अस्पताल ने शिकायत की थी कि ब्लास्टिंग से होने वाली कंपन और धूल के कारण मरीजों और अस्पताल की इमारतों को नुकसान पहुँच रहा है। इस मामले में NGT ने अब रायगढ़ जिला कलेक्टर से जवाब मांगा है।
NGT की वेस्टर्न जोन बेंच, जिसमें जस्टिस दिनेश कुमार सिंह और डॉ. सुजित कुमार बजपेयी शामिल हैं, ने पाया कि अस्पताल की इमारतों में दरारें आ रही हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ब्लास्टिंग की वजह से प्रोटॉन बीम थेरेपी और रेडियोथेरेपी जैसी संवेदनशील मशीनें प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि इन्हें चलाने के लिए कंपन-मुक्त माहौल की जरूरत होती है। जुलाई 2025 की एक स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट में भी कंक्रीट की इमारतों में दरारें आने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, धूल के गुबार से कीमोथेरेपी ले रहे मरीजों के लिए सांस लेने में दिक्कत जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं।
मामले की जांच के लिए MPCB, रायगढ़ कलेक्टर और पर्यावरण मंत्रालय समेत चार सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी की रिपोर्ट अभी तक जमा नहीं हुई है, जिसके लिए MPCB को आखिरी मौका दिया गया है। रिकॉर्ड के मुताबिक, ओवे इलाके के सर्वे नंबर 355 और 356 में करीब 14 हेक्टेयर जमीन पर खनन की अनुमति साल 2020-21 तक ही थी। इसके बाद के खनन के लिए कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है, फिर भी वहां छह स्टोन क्रशर यूनिट्स काम कर रही हैं।
स्थानीय लोगों और NatConnect Foundation जैसे पर्यावरण समूहों ने भी इस पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि मानसून और रात के समय भी ब्लास्टिंग जारी रहती है। NGT ने आदेश दिया है कि ACTREC द्वारा दिए गए शपथ पत्र को महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) और अन्य पक्षों को भेजा जाए ताकि वे दो हफ्ते में अपना जवाब दे सकें। इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।