Delhi: दिल्ली के फेफड़े कहे जाने वाले Ridge एरिया को बचाने के लिए National Green Tribunal (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। NGT ने Delhi Ridge Management Board को आदेश दिया है कि वह बिना किसी देरी के अपनी जिम्मेदारियों को पूर
Delhi: दिल्ली के फेफड़े कहे जाने वाले Ridge एरिया को बचाने के लिए National Green Tribunal (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। NGT ने Delhi Ridge Management Board को आदेश दिया है कि वह बिना किसी देरी के अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करे और तय किए गए कामों को तेजी से आगे बढ़ाए। दिल्ली की हरियाली और पर्यावरण को बचाने के लिए यह कदम बहुत जरूरी माना जा रहा है।
Ridge Management Board का क्या काम है और अब क्या होगा?
Delhi Ridge Management Board एक कानूनी संस्था है जिसे दिल्ली रिज के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। यह बोर्ड अब एक सिंगल-विंडो अथॉरिटी के रूप में काम करेगा। इसका मुख्य काम रिज एरिया में अतिक्रमण हटाना, पर्यावरण को फिर से ठीक करना और वैज्ञानिक तरीके से मैनेजमेंट करना है। Union Ministry of Environment ने इसे वैधानिक शक्तियां दी हैं ताकि यह नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई कर सके और जरूरी अनुमतियां जारी कर सके।
बोर्ड के गठन में क्या देरी हो रही है?
NGT की सुनवाई के दौरान बोर्ड के वकील ने बताया कि बोर्ड का गठन अभी पूरी तरह से पूरा नहीं हुआ है। सभी मंजूरियां मिलने के बावजूद दिल्ली वन विभाग ने अभी तक दो जरूरी सिविल सोसाइटी सदस्यों की नियुक्ति नहीं की है। जब तक ये नियुक्तियां पूरी नहीं हो जातीं, तब तक बोर्ड की पहली बैठक नहीं हो पाएगी। हालांकि, NGT ने साफ कहा है कि इस काम में अब और देरी नहीं होनी चाहिए।
रिज की कानूनी सुरक्षा में क्या कमी है?
एक बड़ी समस्या यह है कि 1994 में रिज के लिए Section 4 का नोटिफिकेशन तो जारी हो गया था, लेकिन 31 साल बीत जाने के बाद भी Section 20 के तहत नोटिफिकेशन नहीं आया है। इस नोटिफिकेशन के बिना रिज को पूरी तरह से कानूनी सुरक्षा मिलना मुश्किल है। GNCTD ने NGT को जानकारी दी है कि लगभग 4080.82 हेक्टेयर दिल्ली रिज को वन भूमि घोषित किया गया है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी भी पूरी होनी बाकी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Delhi Ridge Management Board का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली रिज का संरक्षण करना, अवैध कब्जों को हटाना, पारिस्थितिक बहाली (ecological restoration) करना और रिज एरिया के प्रबंधन के लिए एक सिंगल-विंडो अथॉरिटी के रूप में काम करना है।
NGT ने बोर्ड को क्या निर्देश दिए हैं?
NGT के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और सदस्य अफरोज अहमद ने निर्देश दिया है कि बोर्ड का गठन जल्द से जल्द पूरा किया जाए और सौंपे गए कार्यों को बिना किसी देरी के तेजी से शुरू किया जाए।