Delhi के ग्राउंड वाटर में मिला यूरेनियम, NGT ने दिल्ली सरकार और DPCC को भेजा नोटिस

Delhi: राजधानी दिल्ली के भूजल यानी जमीन के नीचे के पानी में यूरेनियम की मात्रा तय सीमा से ज्यादा पाई गई है। इस गंभीर मामले को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली सरकार और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC)

Delhi: राजधानी दिल्ली के भूजल यानी जमीन के नीचे के पानी में यूरेनियम की मात्रा तय सीमा से ज्यादा पाई गई है। इस गंभीर मामले को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली सरकार और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को नोटिस जारी किया है। NGT ने अब इस मामले की जांच के दायरे में दिल्ली को भी शामिल कर लिया है।

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब बिहार के छह जिलों में स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध में यूरेनियम मिलने की रिपोर्ट सामने आई थी। इसके बाद NGT ने खुद संज्ञान लिया। अब सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड (CGWB) की 2025 की सालाना रिपोर्ट के आधार पर पता चला है कि दिल्ली के करीब 13 से 15 प्रतिशत पानी के नमूनों में यूरेनियम की मात्रा खतरे के निशान से ऊपर है। दिल्ली में कुल 83 नमूनों में से 24 नमूनों में यूरेनियम ज्यादा पाया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, पानी में यूरेनियम प्रदूषण के मामले में दिल्ली अब पंजाब और हरियाणा के बाद देश में तीसरे नंबर पर है। साल 2024 में दिल्ली के छह जिलों—उत्तर, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम में पानी के नमूने असुरक्षित पाए गए। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने पीने के पानी में यूरेनियम की सुरक्षित सीमा 30 ppb तय की है, लेकिन दिल्ली के कई इलाकों में यह इससे ज्यादा है।

कैंसर विशेषज्ञ डॉ. रमन नारंग ने बताया कि ऐसा पानी पीने से लिवर और इम्यून सिस्टम पर बुरा असर पड़ सकता है, जिससे लिवर या ब्लैडर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। वहीं अर्थ वॉरियर ग्रुप ने चेतावनी दी है कि पानी में यूरेनियम के साथ नाइट्रेट, फ्लोराइड और खारेपन की मौजूदगी सेहत के लिए और भी ज्यादा खतरनाक है। फिलहाल NGT ने दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव (पर्यावरण) और DPCC के सदस्य सचिव से जवाब मांगा है।