UP : नोएडा प्राधिकरण अब ‘न्यू नोएडा’ प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNIR) के तहत एक नया शहर बसाया जाएगा, जो करीब 209 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा। इस प्रोजेक्ट से गौतम
UP : नोएडा प्राधिकरण अब ‘न्यू नोएडा’ प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNIR) के तहत एक नया शहर बसाया जाएगा, जो करीब 209 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा। इस प्रोजेक्ट से गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर के हजारों किसानों की किस्मत बदल सकती है, क्योंकि सरकार ने मुआवजे की दरों को बढ़ा दिया है।
न्यू नोएडा प्रोजेक्ट में कितनी जमीन और कौन से गांव शामिल हैं
इस नए शहर को विकसित करने के लिए गौतम बुद्ध नगर के 20 और बुलंदशहर के 60 सहित कुल 80 गांवों को शामिल किया जाएगा। पहले चरण में 37 गांवों से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य 2041 तक इस पूरे प्रोजेक्ट को चार चरणों में पूरा करना है, जिसमें पहले चरण के तहत 2027 तक 3,165 हेक्टेयर जमीन का विकास किया जाएगा।
किसानों को कितना मिलेगा मुआवजा और क्या हैं नियम
नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में किसानों के लिए 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजे को मंजूरी दी गई है। यह दर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के बराबर रखी गई है। भूमि अधिग्रहण के लिए 800 से 1,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। जमीन लेने के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाया जाएगा, जिसमें सीधी खरीद, आपसी बातचीत और लैंड पूलिंग जैसे विकल्प शामिल होंगे ताकि किसान स्वेच्छा से इसमें शामिल हों।
प्रोजेक्ट की समयसीमा और प्रशासनिक तैयारी
न्यू नोएडा परियोजना को 18 अक्टूबर 2024 को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित किया गया था और इसका मास्टर प्लान 2041 सरकार ने मंजूर कर लिया है। जमीन अधिग्रहण का मुख्य काम मई और जून 2026 के बीच शुरू होने की उम्मीद है। इस पूरे प्रोजेक्ट की देखरेख के लिए जल्द ही एक अलग प्रशासनिक कार्यालय भी खोला जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
न्यू नोएडा प्रोजेक्ट के लिए किसानों को कितना मुआवजा मिलेगा?
नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के लिए 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजे को मंजूरी दी है, जो यमुना प्राधिकरण की दरों के समान है।
न्यू नोएडा प्रोजेक्ट कितने क्षेत्र में विकसित किया जाएगा?
यह नया शहर लगभग 209 वर्ग किलोमीटर (करीब 20,000 एकड़) क्षेत्र में विकसित होगा, जिसमें गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर के करीब 80 गांव शामिल होंगे।