Delhi: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को अब एयरपोर्ट जैसा आधुनिक बनाने की तैयारी है। रेलवे इसे एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बदल रहा है, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा होगी। इस काम की वजह से आने वाले दो-तीन महीनों में करीब 30
Delhi: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को अब एयरपोर्ट जैसा आधुनिक बनाने की तैयारी है। रेलवे इसे एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बदल रहा है, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा होगी। इस काम की वजह से आने वाले दो-तीन महीनों में करीब 30 ट्रेनों को दूसरे स्टेशनों पर शिफ्ट किया जाएगा। साल 2030 तक इस पूरी परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे स्टेशन की क्षमता 4.5 लाख से बढ़कर 7 लाख यात्री प्रतिदिन हो जाएगी।
कौन सी ट्रेनें कहाँ शिफ्ट होंगी और क्या होगा बदलाव?
निर्माण कार्य के दौरान भीड़ कम करने के लिए ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर भेजा जा रहा है। रेलवे ने इसके लिए योजना तैयार कर ली है।
| ट्रेन/रूट |
संभावित नया स्टेशन |
| भोपाल शताब्दी और ताज एक्सप्रेस |
हजरत निजामुद्दीन |
| पूर्व की ओर जाने वाली ट्रेनें |
आनंद विहार टर्मिनल |
| पूर्वा एक्सप्रेस और वैशाली एक्सप्रेस (पश्चिम दिशा) |
शकूर बस्ती |
| अन्य ट्रेनें |
सफदरजंग स्टेशन |
रेलवे का लक्ष्य है कि दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों से पहले यह बदलाव लागू हो जाए ताकि भीड़ को सही तरीके से मैनेज किया जा सके।
स्टेशन पर मिलने वाली नई सुविधाएँ क्या होंगी?
अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत इस स्टेशन को पूरी तरह बदला जा रहा है। इसमें 4,700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यात्रियों के लिए यहाँ एयरपोर्ट जैसा अनुभव होगा।
- पहरागंज और अजमेरी गेट की तरफ नए आधुनिक स्टेशन बिल्डिंग बनेंगे।
- सुरक्षा के लिए 1,500 AI कैमरे लगाए जाएंगे।
- मेट्रो, सिटी बस और भारत टैक्सी सर्विस से सीधा जुड़ाव होगा।
- गाड़ियों की पार्किंग क्षमता को 7 गुना बढ़ाकर 2,100 वाहन किया जाएगा।
- 60,000 वर्ग मीटर का एयर कॉनकोर्स और 40 मंजिला ट्विन टावर बनाए जाएंगे।
रेल मंत्रालय ने साफ किया है कि स्टेशन को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा, केवल कुछ ट्रेनों का रास्ता बदला जाएगा जिसकी जानकारी पहले ही दे दी जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पूरी तरह बंद रहेगा?
नहीं, रेलवे मंत्रालय और CPRO दीपक कुमार के अनुसार स्टेशन बंद नहीं होगा। केवल कुछ ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर शिफ्ट किया जाएगा और यात्रियों को इसकी जानकारी पहले ही दे दी जाएगी।
यह नया प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
यह पुनर्विकास कार्य 2021 से चल रहा है और इसके 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है। पहरगंज की तरफ बनने वाला मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब अगले दो साल में तैयार हो सकता है।