Delhi: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) को अब पूरी तरह से बदलकर एक वर्ल्ड क्लास ट्रांसपोर्ट हब बनाया जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि स्टेशन अब एयरपोर्ट की तरह आधुनिक दिखेगा, जहां यात्रियों को बेहतर सुविधाएं
Delhi: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) को अब पूरी तरह से बदलकर एक वर्ल्ड क्लास ट्रांसपोर्ट हब बनाया जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि स्टेशन अब एयरपोर्ट की तरह आधुनिक दिखेगा, जहां यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इस प्रोजेक्ट का मकसद स्टेशन पर भीड़ को कम करना और यात्रा को आसान बनाना है ताकि दिल्ली आने-जाने वाले लाखों लोगों को राहत मिले।
स्टेशन में क्या-क्या नई सुविधाएं मिलेंगी?
स्टेशन के पुनर्विकास के लिए लगभग 2,195.68 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कई बड़े बदलाव किए जाएंगे। मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:
- आधुनिक डिजाइन: स्टेशन के दोनों तरफ 20-21 मंजिला आइकॉनिक ट्विन टावर बनाए जाएंगे।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट: जाम से बचने के लिए 5 किलोमीटर लंबी और 10 फीट ऊंची एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी।
- बड़ी क्षमता: अब यहां रोजाना 4-5 लाख की जगह 7 लाख यात्री आसानी से सफर कर सकेंगे।
- पार्किंग: गाड़ियों की पार्किंग क्षमता को 373 से बढ़ाकर 2,100 तक किया जाएगा।
- कनेक्टिविटी: इसे मेट्रो की येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के साथ जोड़ा जाएगा।
सुरक्षा और एंट्री सिस्टम में क्या बदलाव होंगे?
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए स्टेशन पर हाई-टेक सिस्टम लगाया जा रहा है। रेल मंत्री के अनुसार, स्टेशन के हर कोने पर नजर रखने के लिए करीब 1,500 AI आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। एंट्री के लिए QR-कोड आधारित सिस्टम होगा, जिससे केवल वैध टिकट वाले यात्री ही अंदर जा पाएंगे। साथ ही, सभी कर्मचारियों और वेंडर्स को पहचान के लिए कलर-कोडेड ID कार्ड और स्पेशल जैकेट दिए जाएंगे।
काम की रफ्तार और समय सीमा क्या है?
इस प्रोजेक्ट का काम HG Infra Engineering और DEC Infrastructure की जॉइंट वेंचर कंपनी कर रही है। अजमेरी गेट की तरफ का काम पूरा हो चुका है और अब पहाड़गंज की तरफ काम शुरू हो गया है। रेलवे ने साफ किया है कि इस काम के दौरान स्टेशन बंद नहीं होगा, हालांकि कुछ ट्रेनों के रूट बदले जा सकते हैं जिसकी जानकारी पहले दी जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट के 31 दिसंबर 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है।