Lucknow: हिंदी के इस्तेमाल के लिए पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल को मिले 3 पुरस्कार, DRM गौरव अग्रवाल ने लिया सम्मान
Lucknow: पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने सरकारी कामकाज में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति ने मंडल को तीन अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। यह
Lucknow: पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने सरकारी कामकाज में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति ने मंडल को तीन अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। यह सम्मान बुधवार, 24 जून 2026 को डालीबाग स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान परिसर में आयोजित एक बैठक के दौरान दिया गया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक एस.एन. सुशील ने की। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) गौरव अग्रवाल ने संस्थान की ओर से शील्ड और प्रशस्ति पत्र प्राप्त किए। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के पीआरओ महेश गुप्ता ने इन पुरस्कारों की जानकारी साझा की।
यह सम्मान अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 की अवधि के दौरान किए गए कार्यों के लिए मिला है। लखनऊ मंडल ने इस दौरान हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए कई गतिविधियां चलाईं, जिनमें 31 हिंदी कार्यशालाएं, पांच तकनीकी संगोष्ठियां और एक साहित्यिक संगोष्ठी शामिल थी।
| पुरस्कार की श्रेणी | स्थान/रैंक |
|---|---|
| सरकारी कामकाज में राजभाषा का अधिकतम प्रयोग | द्वितीय पुरस्कार |
| सर्वाधिक हिंदी कार्यशाला आयोजन | प्रथम पुरस्कार |
| पत्रिका प्रकाशन | चतुर्थ पुरस्कार |
DRM गौरव अग्रवाल ने बताया कि मंडल कार्यालय में सरकारी काम नियमानुसार हिंदी या द्विभाषी तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रेरित करने और लगातार निगरानी रखने की वजह से यह सफलता मिली है। बैठक में कुल 74 केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के प्रमुख मौजूद थे। लखनऊ मंडल के कार्यालय और मुख्य स्टेशनों पर नियमित रूप से साहित्यकारों की जयंती और तकनीकी चर्चाएं आयोजित की जाती हैं।