नेपाल हिंसा का असर: बिहार के सीमावर्ती बाजारों में 500 करोड़ का कारोबार ठप, होटल और फैक्ट्रियां बंद

Bihar: नेपाल के सुनसरी जिले में भड़की सांप्रदायिक हिंसा ने अब बिहार के सीमावर्ती इलाकों की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है. हिंसा के कारण सीमा सील होने और कर्फ्यू लगने से बिहार के बाजारों में नेपाली ग्राहकों का आना बंद हो

Bihar: नेपाल के सुनसरी जिले में भड़की सांप्रदायिक हिंसा ने अब बिहार के सीमावर्ती इलाकों की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है. हिंसा के कारण सीमा सील होने और कर्फ्यू लगने से बिहार के बाजारों में नेपाली ग्राहकों का आना बंद हो गया है, जिससे करोड़ों रुपये का व्यापार ठप पड़ा है. होटल, स्पा, रेस्टोरेंट और कई फैक्ट्रियां पूरी तरह बंद हो गई हैं.

यह पूरा विवाद 28 जुलाई 2026 को नेपाल के देवानगंज-कप्तानगंज में कावड़ यात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ था. देखते ही देखते यह हिंसा मधेश और कोशी प्रांतों तक फैल गई. स्थिति इतनी खराब हुई कि 1 अगस्त 2026 तक कई इलाकों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा रहा और सुरक्षा के लिए नेपाली सेना और पुलिस को तैनात करना पड़ा. इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत की खबर है और कई सुरक्षाकर्मी समेत दर्जनों लोग घायल हुए हैं.

बिहार के सीमावर्ती जिलों में इस तनाव का सीधा असर दिख रहा है. जयनगर बाजार में अकेले हर दिन 10 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है. मधुबनी, अररिया, किशनगंज, रक्सौल, बगहा, सीतामढ़ी और सुपौल जैसे जिलों के व्यापारी भारी नुकसान झेल रहे हैं. अररिया के डीएम विनोद दूहन और एसपी जितेंद्र कुमार ने सीमावर्ती गांवों का दौरा कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

सुरक्षा के लिहाज से बिहार पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने हाई अलर्ट जारी किया है. सीमा पर ड्रोन से निगरानी की जा रही है और बिना पहचान पत्र के नेपाल में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. बिहार पुलिस की साइबर सेल भी सोशल मीडिया पर नजर रख रही है ताकि कोई भ्रामक खबर न फैले.

व्यापार में गिरावट की एक बड़ी वजह नेपाल के नए सीमा शुल्क नियम भी हैं, जो अप्रैल 2026 में लागू हुए थे. अब 100 रुपये से ज्यादा के सामान पर 5% से 80% तक टैक्स देना पड़ रहा है. इस वजह से रक्सौल और जयनगर जैसे बाजारों में बिक्री पहले से ही 50% तक गिर गई थी, और अब हिंसा ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है.