NEET re-test: देश भर के 5,440 केंद्रों पर हुई परीक्षा, कड़ी सुरक्षा के बीच 20 लाख छात्र हुए शामिल

India: मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के लिए रविवार, 21 जून 2026 का दिन बेहद अहम था। पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई NEET-UG परीक्षा का री-टेस्ट पूरे देश में आयोजित किया गया। इस बार नेशनल टेस्टिंग एज

India: मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के लिए रविवार, 21 जून 2026 का दिन बेहद अहम था। पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई NEET-UG परीक्षा का री-टेस्ट पूरे देश में आयोजित किया गया। इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए थे कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

यह परीक्षा भारत के 551 शहरों के 5,440 केंद्रों और विदेशों के 14 केंद्रों पर दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चली। करीब 20 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया। सुरक्षा के लिए 1.38 लाख CCTV कैमरे लगाए गए और 51,311 जैमर का इस्तेमाल किया गया ताकि कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस काम न कर सके। साथ ही, राज्य पुलिस और अर्धसैनिक बलों के सहयोग से दो लेयर की चेकिंग की गई।

परीक्षा के बाद छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई। दिल्ली के छात्रों का कहना था कि मई की परीक्षा रद्द होने से उनकी तैयारी पर असर पड़ा और इस बार का पेपर पहले से ज्यादा कठिन था। कई छात्रों ने बताया कि बायोलॉजी का हिस्सा आसान था, लेकिन फिजिक्स काफी मुश्किल रही। वहीं, आकाश इंस्टीट्यूट के नेशनल एकेडमिक डायरेक्टर नवीन कार्की ने अनुमान लगाया है कि इस बार कट-ऑफ 590-600 अंक के आसपास रह सकता है।

NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही और अब तक पेपर लीक की कोई शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, परीक्षा के दौरान कुछ दुखद घटनाएं भी सामने आईं। बिहार में परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़ा करने की कोशिश में 9 लोग गिरफ्तार हुए। वहीं, हरियाणा और हैदराबाद में परीक्षा से पहले दो छात्रों द्वारा आत्महत्या करने की खबरें आईं।

विवरण जानकारी
कुल केंद्र 5,440 (भारत और विदेश)
कुल उम्मीदवार 20 लाख से अधिक
कुल सुरक्षाकर्मी लगभग 7 लाख
परीक्षा का समय 195 मिनट (3 घंटे 15 मिनट)
सुरक्षा उपकरण 1.38 लाख CCTV और 51,311 जैमर
नतीजे NTA जल्द घोषित करेगा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NTA मुख्यालय में सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सरकार ने इस बार परीक्षा चक्र को छोटा कर 37 दिनों में पूरा करने की कोशिश की है ताकि एडमिशन की प्रक्रिया में ज्यादा देरी न हो।