NEET UG पेपर लीक केस: कोर्ट ने CBI को दी आरोपी मनीषा संजय हवलदार की हैंडराइटिंग के नमूने लेने की इजाजत
Delhi: NEET UG पेपर लीक मामले में एक नया मोड़ आया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI को आरोपी मनीषा संजय हवलदार की हैंडराइटिंग के और नमूने लेने की अनुमति दे दी है। यह फैसला बुधवार को स्पेशल CBI जज अजय गुप्ता ने सुना
Delhi: NEET UG पेपर लीक मामले में एक नया मोड़ आया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI को आरोपी मनीषा संजय हवलदार की हैंडराइटिंग के और नमूने लेने की अनुमति दे दी है। यह फैसला बुधवार को स्पेशल CBI जज अजय गुप्ता ने सुनाया।
मनीषा संजय हवलदार पुणे के सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला में काम करती थी और NTA द्वारा फिजिक्स ट्रांसलेटर के रूप में नियुक्त थी। उस पर आरोप है कि उसने पैसों के लिए NEET-UG के प्रश्न पत्रों को अवैध रूप से दूसरों तक पहुँचाया। CBI का कहना है कि मनीषा ने फिजिक्स के सवालों को हाथ से लिखकर मनीषा मंडहारे के साथ शेयर किया था और तेजस हर्षद कुमार शाह को सवाल बोलकर लिखवाए थे।
CBI ने कोर्ट को बताया कि पहले लिए गए हैंडराइटिंग और सिग्नेचर के नमूने जांच के लिए काफी नहीं थे। Government Examiner of Questioned Documents (GEQD) ने कहा कि जांचे जा रहे दस्तावेज काफी ज्यादा हैं, इसलिए तुलना करने के लिए और नमूनों की जरूरत है। इसी आधार पर कोर्ट ने जेल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया है कि 27 जुलाई 2026 से 29 जुलाई 2026 के बीच एक स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में CBI अधिकारियों को ये नमूने लेने में मदद करें।
इस पूरे मामले में मनीषा संजय हवलदार को पहले मई 2026 में CBI हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वीकार किया कि सिस्टम में चूक हुई है और 2027 से NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित बनाने की योजना है। दिल्ली के जंतर मंतर पर इस पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी जारी हैं और सरकार पेपर लीक रोकने के लिए कड़े केंद्रीय कानून पर विचार कर रही है।