NEET UG पेपर लीक मामला: मंगीलाल बीवाल समेत 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ी
Delhi: नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मंगीलाल बीवाल और 12 अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत को बढ़ाकर 24 जुलाई तक कर दिया है। इन सभी आरोपियों
Delhi: नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मंगीलाल बीवाल और 12 अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत को बढ़ाकर 24 जुलाई तक कर दिया है। इन सभी आरोपियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था।
CBI ने कोर्ट को बताया कि पेपर लीक की इस बड़ी साजिश की जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी ने यह भी साफ किया कि इस पूरे मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के किसी भी सरकारी अधिकारी या पदाधिकारी की मिलीभगत नहीं मिली है। जांच में सामने आया है कि पेपर लीक करने का काम उन शिक्षकों ने किया जिन्हें NTA ने पेपर सेट करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर रखा था।
CBI इस महीने यानी जुलाई 2026 में अपनी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। यह चार्जशीट उन 13 निजी व्यक्तियों पर केंद्रित होगी जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। चूंकि इसमें कोई सरकारी अधिकारी शामिल नहीं है, इसलिए CBI को चार्जशीट दाखिल करने के लिए किसी सरकारी मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। फिलहाल एजेंसी NTA, छात्रों और कोचिंग सेंटरों से मिले हजारों दस्तावेजों के साथ-साथ करीब 170 मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड ड्राइव के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है।
इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता पी.वी. कुलकर्णी, जो केमिस्ट्री के पेपर-सेटर थे, उन्होंने पुणे में अपने घर पर कोचिंग क्लास चलाकर चुनिंदा छात्रों को लीक प्रश्न और उत्तर बताए थे। इसी तरह बॉटनी लेक्चरर मनीषा मंडहरे ने भी अप्रैल के अंत में पेपर तक पहुंच बनाकर छात्रों की मदद की थी। इस घोटाले के कारण 3 मई 2026 को हुई परीक्षा को NTA ने रद्द कर दिया था, जिसके बाद 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी।