NEET UG 2026: नंबरों में गड़बड़ी को लेकर छात्र पहुंचे कोर्ट, Bombay और Delhi High Court में याचिकाएं दाखिल

Maharashtra: NEET UG 2026 की परीक्षा के बाद अब छात्रों के नंबरों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कई छात्रों का दावा है कि उनके असली नंबर और रिजल्ट में बहुत बड़ा अंतर है, जिसके बाद मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। मुंबई

Maharashtra: NEET UG 2026 की परीक्षा के बाद अब छात्रों के नंबरों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कई छात्रों का दावा है कि उनके असली नंबर और रिजल्ट में बहुत बड़ा अंतर है, जिसके बाद मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। मुंबई और दिल्ली हाई कोर्ट में इस गड़बड़ी को ठीक करने के लिए याचिकाएं लगाई गई हैं।

Bombay High Court की औरंगाबाद बेंच में तीन छात्रों ने अपनी मार्कशीट में सुधार की मांग की है। जस्टिस नितिन सूर्यवंशी और अबसाहेब शिंदे की बेंच ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को इन छात्रों की असली OMR शीट पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और NTA को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

इन मामलों में छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। छत्रपति संभाजीनगर की रिचा प्रफुल्ला देशपांडे का कहना है कि उन्हें 619 नंबर मिलने चाहिए थे, लेकिन रिजल्ट में सिर्फ 280 नंबर आए। बीड़ जिले के सोहम नितिन गावते ने दावा किया कि उनकी OMR शीट के हिसाब से 522 नंबर होने चाहिए थे, जबकि स्कोरकार्ड में केवल 95 नंबर दिख रहे हैं। वहीं धुले के अथर्व जगताप ने बताया कि उनकी OMR शीट के मुताबिक स्कोर 597 होना चाहिए था, लेकिन उन्हें सिर्फ 45 नंबर मिले हैं।

सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, दिल्ली हाई कोर्ट में भी 30 जुलाई को एक याचिका दाखिल हुई है। यहां एक छात्र ने आरोप लगाया है कि उसके पोर्टल पर स्कोर 24 घंटे के भीतर तीन बार बदला गया, जो 650 से घटकर 500 और फिर 135 रह गया। छात्र ने यह भी दावा किया कि NTA द्वारा दिखाई गई आंसर शीट वह नहीं है जो उसने परीक्षा के दौरान भरी थी। याचिका में NTA की एक कैलकुलेशन शीट में तारीख की गलती का भी जिक्र है, जिसमें परीक्षा की तारीख 21 जुलाई लिखी है जबकि परीक्षा 21 जून को हुई थी।

दूसरी तरफ NTA ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि उनके रिकॉर्ड एकदम सही हैं और कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी या AI से बनाए गए स्कोरकार्ड फैला रहे हैं। NTA ने चेतावनी दी है कि परीक्षा दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करना पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024 के तहत एक गंभीर अपराध है।