National Testing Agency (NTA): नीट यूजी 2026 की परीक्षा को पेपर लीक और गड़बड़ियों के चलते रद्द कर दिया गया है। 3 मई को हुई इस परीक्षा के बाद अब छात्रों को दोबारा टेस्ट देना होगा, लेकिन NTA के सामने सबसे बड़ी चुनौती नई ता
National Testing Agency (NTA): नीट यूजी 2026 की परीक्षा को पेपर लीक और गड़बड़ियों के चलते रद्द कर दिया गया है। 3 मई को हुई इस परीक्षा के बाद अब छात्रों को दोबारा टेस्ट देना होगा, लेकिन NTA के सामने सबसे बड़ी चुनौती नई तारीख तय करना है। मई महीने के ज्यादातर रविवार पहले से ही अन्य परीक्षाओं के लिए बुक हैं, जिससे री-टेस्ट की डेट फिक्स करना मुश्किल हो रहा है।
परीक्षा रद्द होने के पीछे क्या कारण रहे और अब आगे क्या होगा?
भारत सरकार की मंजूरी के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया। जांच में सामने आया कि नासिक के एक प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लीक हुआ था, जिसे व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर ‘मॉडल पेपर’ बताकर फैलाया गया। इस लीक पेपर के करीब 120 सवाल असली परीक्षा से मिलते-जुलते थे, जिससे छात्रों को 720 में से लगभग 600 नंबर मिलने की संभावना थी। अब NTA एक नई परीक्षा आयोजित करेगा, जिसकी तारीख जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर बताई जाएगी।
छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन और फीस के क्या नियम हैं?
NTA ने साफ किया है कि छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है। पुराना डेटा, कैंडिडेट की जानकारी और एग्जाम सेंटर पहले की तरह ही रहेंगे। साथ ही, दोबारा परीक्षा के लिए कोई अलग से फीस नहीं ली जाएगी। जो छात्र पहले ही फीस जमा कर चुके हैं, उन्हें वह पैसा रिफंड कर दिया जाएगा। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के हित के लिए यह फैसला लेना जरूरी था।
CBI जांच में अब तक क्या खुलासे हुए हैं?
इस पूरे मामले की जांच अब CBI कर रही है। 13 मई को CBI ने देश के अलग-अलग हिस्सों से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें जयपुर से मांगीलाल, विकास और दिनेश बीवाल, गुरुग्राम से यश यादव और नासिक से शुभम खैरणार शामिल हैं। पुणे पुलिस ने भी एक महिला को हिरासत में लेकर CBI को सौंपा है। 14 मई को CBI की टीम ने NTA ऑफिस जाकर जरूरी दस्तावेज और जानकारी जुटाई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या NEET UG 2026 के लिए दोबारा फॉर्म भरना होगा?
नहीं, छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन या आवेदन करने की जरूरत नहीं है। पुराना डेटा और परीक्षा केंद्र ही मान्य रहेंगे और कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।
पेपर लीक का मामला कहां से शुरू हुआ था?
जांच के मुताबिक, पेपर लीक नासिक के एक प्रिंटिंग प्रेस से शुरू हुआ और व्हाट्सएप व टेलीग्राम के जरिए ‘गेस पेपर’ के रूप में फैलाया गया।