NEET पेपर लीक पर पटना में हिंसा, तेलंगाना में शांतिपूर्ण प्रदर्शन; बिहार सरकार ने लगाया साजिश का आरोप

Bihar/Patna: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जहां तेलंगाना में यह विरोध शांतिपूर्ण तरीके से हुआ, वहीं बिहार की राजधानी पटना में स्थिति बिगड़ गई और हिंसक झड़पें हुईं। पटना

Bihar/Patna: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जहां तेलंगाना में यह विरोध शांतिपूर्ण तरीके से हुआ, वहीं बिहार की राजधानी पटना में स्थिति बिगड़ गई और हिंसक झड़पें हुईं। पटना में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसमें पत्थरबाजी की खबरें आईं और पत्रकारों के साथ भी मारपीट हुई।

बिहार सरकार ने इस हिंसा को एक बड़ी साजिश बताया है। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल सभी लोग छात्र नहीं थे, बल्कि कुछ असामाजिक तत्व छात्रों के वेश में आए थे। सरकार का आरोप है कि इन लोगों ने राजनीतिक फायदे और गुप्त एजेंडे के तहत हिंसा फैलाई ताकि राज्य सरकार को अस्थिर किया जा सके। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पटना समेत अन्य जिलों से 114 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है और 600 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

पटना के अलावा जहानाबाद, दरभंगा, कटिहार और बेगूसराय में भी बैरिकेड तोड़ने और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हुईं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। इस टकराव में 14 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सरकार ने साफ किया है कि पेपर लीक को अब संगठित अपराध माना जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।

दूसरी तरफ, तेलंगाना में माहौल बिल्कुल अलग रहा। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया और केंद्र सरकार की आलोचना की। तेलंगाना में छात्र संगठनों और बीआरएस ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था। हैदराबाद में सैकड़ों छात्रों ने रैलियां निकालीं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं। सतवाहन विश्वविद्यालय के पांच छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। वहां के प्रदर्शनकारियों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को खत्म करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।