Delhi: NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ियों के मामले में CBI ने अपनी जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने देशभर में छापेमारी के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया और बुधवार को उन्हें दिल्ली की स्पेशल कोर्ट में पेश किया।
Delhi: NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ियों के मामले में CBI ने अपनी जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने देशभर में छापेमारी के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया और बुधवार को उन्हें दिल्ली की स्पेशल कोर्ट में पेश किया। यह कार्रवाई शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के बाद शुरू हुई थी, जिसके बाद 12 मई को FIR दर्ज की गई थी।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और उनका रोल क्या था?
CBI ने अलग-अलग राज्यों से आरोपियों को पकड़ा है। महाराष्ट्र के नाशिक से शुभम खैरनार को पकड़ा गया, जिस पर पेपर की हार्ड कॉपी देने और व्हाट्सएप पर सॉफ्ट कॉपी भेजने का शक है। राजस्थान के जयपुर से मंगिलाल बीवाल, विकास बीवाल और दिनेश बीवाल को गिरफ्तार किया गया। दिनेश बीवाल ने कथित तौर पर पेपर को स्कैन कर PDF बनाया था। वहीं, गुरुग्राम से यश यादव को पकड़ा गया, जिसने खैरनार से पेपर लेकर राजस्थान में छात्रों को बेचा।
पेपर लीक का तरीका और वसूली कितनी हुई?
जांच में सामने आया कि लीक किया गया पेपर हाथ से लिखा हुआ था, जिसे बाद में स्कैन कर PDF में बदला गया। इस पेपर को राजस्थान के सीकर जिले के कोचिंग सेंटरों में छात्रों के बीच बांटा गया। खबरों के मुताबिक, इस पेपर के बदले 2 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की वसूली की गई। इस मामले में बिहार पुलिस ने भी एक गिरोह को पकड़ा है, जहां से मोबाइल और लैपटॉप जैसे डिजिटल सबूत मिले हैं।
परीक्षा रद्द होने के बाद अब आगे क्या होगा?
पेपर लीक के आरोपों के बीच 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा को 12 मई को रद्द कर दिया गया था। CBI अब NTA मुख्यालय से दस्तावेज जुटा रही है और अधिकारियों से पूछताछ कर रही है। एजेंसी ने साफ किया है कि वह तकनीकी और फोरेंसिक जांच के जरिए इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NEET-UG 2026 परीक्षा कब रद्द हुई थी?
3 मई को आयोजित हुई NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई 2026 को रद्द कर दिया गया था।
लीक पेपर के लिए छात्रों से कितने पैसे लिए गए?
CBI की जांच के अनुसार, राजस्थान के सीकर जिले में कोचिंग सेंटरों के माध्यम से यह पेपर 2 लाख से 5 लाख रुपये के बीच बेचा गया था।