Delhi-NCR में दौड़ेगी Namo Bharat, 4 नए रूटों के लिए NCRTC ने सौंपी DPR, अब सफर होगा और आसान

Delhi-NCR: दिल्ली और आसपास के शहरों में सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है। National Capital Region Transport Corporation (NCRTC) ने 4 नए Namo Bharat RRTS कॉरिडोर के लिए Detailed Project Reports (DPRs) जमा कर दी हैं। इसका

Delhi-NCR: दिल्ली और आसपास के शहरों में सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है। National Capital Region Transport Corporation (NCRTC) ने 4 नए Namo Bharat RRTS कॉरिडोर के लिए Detailed Project Reports (DPRs) जमा कर दी हैं। इसका मकसद दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाना है ताकि लोगों को आने-जाने में कम समय लगे और जाम से राहत मिले।

NCRTC के एमडी शलभ गोयल ने बताया कि दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर को लोगों ने काफी पसंद किया है। फरवरी 2026 में शुरू हुए इस रूट पर रोजाना करीब एक लाख यात्री सफर कर रहे हैं और अब तक कुल 3.5 करोड़ से ज्यादा यात्राएं हो चुकी हैं। इसी सफलता को देखते हुए अब नए रूटों पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

इन नए कॉरिडोर की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:

कॉरिडोर का नाम लंबाई खास जानकारी
Delhi-Alwar 199 किमी दिल्ली से गुरुग्राम, शाहजहाँपुर, नीमराना, बेहरोर होते हुए राजस्थान के अलवर तक जाएगा।
Delhi-Panipat-Karnal 136 किमी दिल्ली से सोनीपत और पानीपत होते हुए करनाल तक जाएगा। इससे दिल्ली से करनाल का सफर 1.5 घंटे में पूरा होगा।
Ghaziabad-Jewar 72 किमी यह रूट गाजियाबाद को सीधे जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ेगा।
Gurugram-Faridabad-Noida 61 किमी यह हाई-स्पीड लिंक गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा को जोड़ेगा। इसकी अनुमानित लागत 15,000 करोड़ रुपये है।

प्रोजेक्ट की टाइमलाइन की बात करें तो गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा कॉरिडोर का निर्माण 2026 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है और यह 2032 से 2034 के बीच चालू हो सकता है। वहीं, सराय काले खां से बावल (93 किमी) और सराय काले खां से करनाल (136 किमी) वाले रूट को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है और अब कैबिनेट की मुहर का इंतजार है।

एक अधिकारी साहु ने बताया कि केंद्र सरकार इन प्रस्तावों की जांच कर रही है। प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता और बजट की उपलब्धता को देखते हुए वित्तीय सहायता पर फैसला लिया जाएगा। इन प्रोजेक्ट्स में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की राज्य सरकारें भी शामिल हैं और फंडिंग में योगदान देंगी।