Delhi की भीड़ कम करने के लिए NCR में बसेंगी 4 नई ‘नमो सिटीज़’, RRTS से जुड़ेंगे आधुनिक शहर
Delhi/NCR: दिल्ली में बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक की समस्या को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी योजना बनाई है। NCR में चार नए ग्रीनफील्ड शहरी केंद्र विकसित किए जाएंगे, जिन्हें ‘नमो सिटी’ नाम दिया गया है। ये श
Delhi/NCR: दिल्ली में बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक की समस्या को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी योजना बनाई है। NCR में चार नए ग्रीनफील्ड शहरी केंद्र विकसित किए जाएंगे, जिन्हें ‘नमो सिटी’ नाम दिया गया है। ये शहर आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे और इनका मुख्य उद्देश्य दिल्ली के दबाव को कम करना है।
यह फैसला 16 जून, 2026 को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक में लिया गया। इन शहरों का विकास क्षेत्रीय योजना-2041 (Regional Plan-2041) के तहत किया जाएगा। सरकार ने इन शहरों के लिए अगले पांच साल में 5,000 करोड़ रुपये का फंड तय किया है।
इन शहरों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि ये RRTS (नमो भारत) नेटवर्क से जुड़े रहेंगे, जिससे आने-जाने में आसानी होगी। इन शहरों का चयन एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकारें तीन-तीन संभावित जगहों के प्रस्ताव देंगी, जिनमें से सबसे बेहतर जगह को चुना जाएगा।
| राज्य | संभावित क्षेत्र/स्थान |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | नोएडा–दादरी–जेवर–बुलंदशहर क्षेत्र |
| राजस्थान | अलवर और भरतपुर |
| दिल्ली | नरेला-बवाना, अलीपुर-बुराड़ी और द्वारका फेज-2 |
योजना को अंतिम रूप देने के लिए एक उप-समिति बनाई गई है, जो 15 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद अगले दो महीनों में अंतिम योजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और अन्य राज्यों के शहरी विकास मंत्री भी शामिल थे।
शहरों के विकास के साथ-साथ प्रदूषण कम करने पर भी जोर दिया गया है। NCR को तीन अलग-अलग क्षेत्रों में बांटने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, प्रदूषण घटाने के लिए BS-1, BS-2 और BS-3 श्रेणी के पुराने वाहनों को धीरे-धीरे सड़कों से हटाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान NCR की क्षेत्रीय सीमा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।