Maharashtra: ट्रिपल तलाक पर MLA सना मलिक के बयान से NCP ने बनाई दूरी, सुनील तटकरे ने दी सफाई

Maharashtra: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान ट्रिपल तलाक और इस्लामिक कानूनों पर दिए गए बयानों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। महायुति सरकार का हिस्सा रही NCP ने अपनी विधायक सना मलिक के विचारों से खुद को अ

Maharashtra: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान ट्रिपल तलाक और इस्लामिक कानूनों पर दिए गए बयानों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। महायुति सरकार का हिस्सा रही NCP ने अपनी विधायक सना मलिक के विचारों से खुद को अलग कर लिया है। पार्टी ने साफ किया है कि विधायक के बयान उनके निजी विचार थे और पार्टी उनका समर्थन नहीं करती है।

पूरा मामला 23 जून 2026 को शुरू हुआ जब विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान MLA Sana Malik ने ट्रिपल तलाक और बहुविवाह से जुड़े कुछ विवादित बयान दिए। इसके बाद 25 जून को सना मलिक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनके बयानों का गलत मतलब निकाला गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बहुविवाह का समर्थन या प्रचार नहीं कर रही थीं, बल्कि सदन को इसकी जानकारी दे रही थीं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कानून संविधान से चलने चाहिए, न कि पाकिस्तान या कुरान के उदाहरणों से।

इस विवाद पर 26 जून को NCP के प्रदेश अध्यक्ष Sunil Tatkare ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि NCP शाहू-फुले-अंबेडकर के मूल्यों और भारत के संविधान में विश्वास रखती है। पार्टी ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और संसदीय कानूनों का सम्मान करती है। तटकरे ने जोर दिया कि NCP महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में है और किसी भी तरह के गलत या मनमाने वैवाहिक अलगाव का विरोध करती है।

वहीं, महायुति गठबंधन के अन्य साथी दलों ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। BJP और Shiv Sena के नेताओं ने सना मलिक पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। शिव सेना नेता Shaina NC ने कहा कि ये बयान भारतीय महिलाओं का अपमान हैं। BJP विधायक Manisha Chaudhary ने कहा कि भारत संविधान से चलता है, कुरान से नहीं। राज्य के गृह राज्य मंत्री Yogesh Kadam ने भी साफ किया कि भारतीय कानून धार्मिक ग्रंथों पर नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाने के मकसद से बनाए गए हैं।