Bihar, Nawada: नवादा जिले के गोविंदपुर इलाके में जंगली हाथियों के हमले ने एक परिवार की खुशियां छीन ली हैं। यहां खेत की रखवाली के लिए झोपड़ी में सो रही एक 61 साल की बुजुर्ग महिला को हाथियों के झुंड ने कुचलकर मार डाला। यह
Bihar, Nawada: नवादा जिले के गोविंदपुर इलाके में जंगली हाथियों के हमले ने एक परिवार की खुशियां छीन ली हैं। यहां खेत की रखवाली के लिए झोपड़ी में सो रही एक 61 साल की बुजुर्ग महिला को हाथियों के झुंड ने कुचलकर मार डाला। यह दुखद घटना 8 अप्रैल 2026 को सामने आई है। इस हमले के बाद से ही गोविंदपुर और उसके आसपास के गांवों के लोग बहुत डरे हुए हैं और वन विभाग से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
कैसे हुआ यह हादसा और क्या है अभी की स्थिति?
गोविंदपुर में रहने वाली बुजुर्ग महिला रात के समय अपने खेत की देखरेख करने के लिए खेत में बनी एक झोपड़ी में सो रही थीं। तभी अचानक जंगली हाथियों का एक झुंड वहां पहुंच गया और हमला कर दिया। महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला और हाथियों ने उन्हें बुरी तरह कुचल दिया। इस घटना की खबर जैसे ही सुबह गांव वालों को मिली, इलाके में सनसनी फैल गई। फिलहाल वन विभाग की टीमें हाथियों की लोकेशन को ट्रैक कर रही हैं और गांव वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वन अधिकारी अब हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर जंगल की तरफ खदेड़ने की कोशिश में जुटे हैं।
पीड़ित परिवार को क्या मिलेगा मुआवजा और क्या हैं बचाव के उपाय?
बिहार सरकार के नियमों के मुताबिक जंगली जानवरों के हमले में किसी की जान जाने पर परिवार को सहायता राशि दी जाती है। अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित परिवार को मुआवजे की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है। वन विभाग ने बचाव के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं:
- बिहार सरकार जंगली जानवर के हमले में मौत होने पर 4 लाख रुपये का मुआवजा देती है।
- हाथियों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जा रहा है।
- West Bengal से विशेष रेस्क्यू टीम को हाथियों को खदेड़ने के लिए बुलाया गया है।
- वन विभाग ने लोगों को रात के समय अकेले खेत या जंगल की तरफ न जाने की हिदायत दी है।
- लोगों को सलाह दी गई है कि वे हाथियों के झुंड को पत्थर मारकर या शोर मचाकर न उकसाएं।
क्या हाल के दिनों में बढ़े हैं जंगली हाथियों के हमले?
नवादा और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से हाथियों का आतंक बढ़ गया है। इससे पहले मार्च के महीने में भी रजौली इलाके में हाथियों ने एक युवक की जान ली थी और पालतू मवेशियों को नुकसान पहुंचाया था। सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य झारखंड के गिरिडीह और लातेहार में भी हाल ही में हाथी के हमलों में मौत की खबरें आई हैं। वन विभाग और प्रशासन अब मिलकर एक ऐसा सिस्टम तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे हाथियों के गांव में घुसने से पहले ही लोगों को अलर्ट किया जा सके। इलाके में लगातार बढ़ती इन घटनाओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।