Navi Mumbai के युवक को बचपन में हराया था ल्यूकेमिया, अब जेनेटिक म्यूटेशन के कारण कैंसर का नया खतरा

Maharashtra/Navi Mumbai: नवी मुंबई के एक 20 साल के कॉलेज छात्र के लिए जिंदगी एक बार फिर बड़ी चुनौती बन गई है। करीब दस साल पहले इस युवक ने बचपन के ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) को मात दी थी, लेकिन अब उसे एक ऐसी जेनेटिक बीमारी क

Maharashtra/Navi Mumbai: नवी मुंबई के एक 20 साल के कॉलेज छात्र के लिए जिंदगी एक बार फिर बड़ी चुनौती बन गई है। करीब दस साल पहले इस युवक ने बचपन के ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) को मात दी थी, लेकिन अब उसे एक ऐसी जेनेटिक बीमारी का पता चला है जो उसे भविष्य में कई तरह के कैंसर के खतरे में डाल सकती है।

रहन (नाम बदला हुआ) को हाल ही में ‘स्पोंटेनियस जेनेटिक म्यूटेशन’ के कारण Familial Adenomatous Polyposis (FAP) नाम की बीमारी हुई है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंतों में बहुत सारे प्री-कैंसरस पॉलीप्स बन जाते हैं। डॉक्टर के मुताबिक, अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए, तो कोलोरेक्टल कैंसर होने का खतरा लगभग 100% तक रहता है। खास बात यह है कि यह समस्या उसके परिवार में किसी और को नहीं थी, बल्कि यह अचानक हुए जेनेटिक बदलाव की वजह से हुई है।

इस गंभीर खतरे से बचने के लिए रोहन की हाल ही में एक बड़ी प्रिवेंटिव सर्जरी की गई। मुंबई के PD Hinduja Hospital में डॉक्टर इमरान शेख ने उसकी पूरी बड़ी आंत और मलाशय (rectum) को हटा दिया। इसके बाद रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल करके छोटी आंत की मदद से शरीर के अंदर ही मल जमा करने के लिए एक नया रास्ता (J-pouch) बनाया गया। डॉक्टर शेख ने बताया कि भारत में इस तरह का मिनिमली इनवेसिव रोबोटिक रिकंस्ट्रक्शन बहुत कम देखने को मिलता है।

इलाज के बाद रोहन को अब पूरी जिंदगी मेडिकल फॉलो-अप की जरूरत रहेगी क्योंकि उसे छोटी आंत, पेट, थायराइड और पैनक्रियाज जैसे अंगों में भी कैंसर होने का जोखिम है। सर्जरी से पूरी तरह उबरने में उसे करीब छह महीने का समय लगेगा। इस लंबी और जटिल मेडिकल लड़ाई की वजह से उसके परिवार पर काफी आर्थिक बोझ भी पड़ा है।