Maharashtra: नवी मुंबई के APMC मार्केट में तरबूज की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट आई है। एक परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से मौत के बाद लोगों में डर बैठ गया है, जिससे तरबूज की डिमांड एकदम गिर गई है। अब यह
Maharashtra: नवी मुंबई के APMC मार्केट में तरबूज की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट आई है। एक परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से मौत के बाद लोगों में डर बैठ गया है, जिससे तरबूज की डिमांड एकदम गिर गई है। अब यह फल महज 5 से 7 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है।
परिवार की मौत और अब तक की जांच क्या है?
दक्षिण मुंबई के Pydhonie इलाके में रहने वाले अब्दुल्ला डोकडिया, उनकी पत्नी नसरीन और दो बेटियों की 26 अप्रैल को मौत हो गई थी। इस परिवार ने 25 अप्रैल को तरबूज समेत कुछ अन्य चीजें खाई थीं। मौत से पहले उन्हें तेज उल्टी और दस्त की शिकायत हुई थी। JJ Marg पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ केस दर्ज किया है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
FDA और डॉक्टरों ने क्या कहा है?
Maharashtra FDA ने परिवार के घर से तरबूज, बिरयानी, पुलाव और पानी समेत 11 सैंपल लिए हैं। FDA कमिश्नर श्रीधर दुबे-पाटिल ने साफ किया है कि जब तक वैज्ञानिक तौर पर यह साबित नहीं होता कि मौत तरबूज से हुई है, तब तक विक्रेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। वहीं JJ Hospital के डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ बासी तरबूज से इतनी जल्दी चार लोगों की मौत होना मुश्किल है, क्योंकि मरीजों की किडनी बुरी तरह प्रभावित हुई थी।
मार्केट पर क्या असर पड़ा है?
तरबूज की थोक कीमतें जो आमतौर पर 10 से 35 रुपये प्रति किलो होती थीं, वे अब गिरकर 5 से 7 रुपये तक पहुंच गई हैं। व्यापारियों का कहना है कि डर की वजह से खरीदार तरबूज नहीं ले रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तरबूज में Salmonella या E. coli जैसे बैक्टीरिया या पेस्टिसाइड्स की वजह से संदूषण हो सकता है, लेकिन इस मामले में असली वजह लैब रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Navi Mumbai के APMC मार्केट में तरबूज का क्या भाव चल रहा है?
फूड पॉइजनिंग की खबरों के बाद तरबूज की डिमांड गिर गई है और अब यह थोक बाजार में 5 से 7 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रहा है।
क्या FDA ने तरबूज बेचने वालों पर कोई कार्रवाई की है?
नहीं, FDA कमिश्नर श्रीधर दुबे-पाटिल के मुताबिक जब तक लैब रिपोर्ट में यह साबित नहीं होता कि मौत तरबूज की वजह से हुई है, तब तक विक्रेताओं पर कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा।