Maharashtra: नवी मुंबई के उलवे इलाके में एक शख्स ने अपने ही रिश्तेदार की बेरहमी से हत्या कर दी थी। यह पूरी वारदात महज 70,000 रुपये के कर्ज को लेकर हुई थी। पनवेल की जिला और अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने इस मामले में फैसला सुन
Maharashtra: नवी मुंबई के उलवे इलाके में एक शख्स ने अपने ही रिश्तेदार की बेरहमी से हत्या कर दी थी। यह पूरी वारदात महज 70,000 रुपये के कर्ज को लेकर हुई थी। पनवेल की जिला और अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई हत्या
यह घटना 22 अप्रैल 2018 की है। आरोपी Sandeep Gupta, जो मुंबई के गोरेगांव में कैब ड्राइवर है, ने अपने रिश्तेदार Ram Prasad Gupta से 70,000 रुपये उधार लिए थे। जब वह पैसे वापस नहीं करना चाहता था, तो वह उलवे स्थित उनके घर पहुंचा और अचानक हमला कर उन्हें चाकू मार दिया। इस हमले में Ram Prasad Gupta की मौत हो गई और आरोपी ने उनकी पत्नी Lakshmi Devi पर भी हमला किया, जिसके बाद वह घर से नकदी और सोने के गहने लूटकर फरार हो गया।
कोर्ट ने क्या सजा सुनाई और क्या आदेश दिए
पनवेल कोर्ट के जज S.R. Ugale ने मामले की सुनवाई के बाद Sandeep Gupta को हत्या का दोषी पाया। कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है और साथ ही 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना राशि पीड़ित की पत्नी Lakshmi Devi को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। इसके अलावा, लूट के दौरान बरामद किए गए सोने के गहने और कैश भी विधवा पत्नी को लौटाने का आदेश दिया गया है। हत्या के अलावा अन्य आरोपों में आरोपी को दो अलग-अलग सात साल की कठोर कैद की सजा भी मिली है।
कैसे मिला आरोपी को सजा और कौन थे गवाह
इस केस में NRI Coastal पुलिस ने जांच की थी और आरोपी को गिरफ्तार किया था। कोर्ट में सरकारी वकील Y.S. Bhopi ने अपनी दलीलें पेश कीं। इस फैसले में सबसे अहम भूमिका पीड़ित की पत्नी Lakshmi Devi की रही, जिन्होंने मुख्य गवाह के तौर पर अपनी गवाही दी। उनके अलावा कोर्ट में कुल 16 गवाह पेश हुए, जिनके बयानों के आधार पर आरोपी का गुनाह साबित हुआ और 8 साल बाद यह कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हत्या की मुख्य वजह क्या थी?
आरोपी Sandeep Gupta ने अपने रिश्तेदार Ram Prasad Gupta से 70,000 रुपये का निजी कर्ज लिया था, जिसे वह वापस नहीं करना चाहता था।
कोर्ट ने मुआवजे के तौर पर क्या आदेश दिया?
कोर्ट ने आरोपी पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जिसे पीड़ित की पत्नी को दिया जाएगा, साथ ही बरामद गहने और कैश भी उन्हें लौटाने का आदेश दिया।