Maharashtra: नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) शहर को कचरा मुक्त बनाने और उसे एक ‘Recycle Hub’ के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। इसके लिए नगर निगम ने पर्यावरण संगठनों और शोधकर्ताओं के साथ मिलकर एक खास योजना बन
Maharashtra: नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) शहर को कचरा मुक्त बनाने और उसे एक ‘Recycle Hub’ के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। इसके लिए नगर निगम ने पर्यावरण संगठनों और शोधकर्ताओं के साथ मिलकर एक खास योजना बनाई है। अब शहर में गणेश उत्सव और नवरात्रि के बाद विसर्जित होने वाली प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों को फेंकने के बजाय उन्हें रीसायकल किया जाएगा।
PoP मूर्तियों का क्या होगा और कैसे होगा इस्तेमाल
नगर निगम आयुक्त Dr. Kailas Shinde की अध्यक्षता में हुई बैठक में मूर्तियों के प्रबंधन पर चर्चा हुई। Institute of Chemical Technology (ICT), Mumbai ने एक पायलट प्रोजेक्ट पेश किया है, जिससे मूर्तियों से PoP को निकालकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सके। मूर्ति बनाने वाले कारीगरों ने भी इस रीसायकल किए हुए PoP का उपयोग नई मूर्तियां बनाने में करने की सहमति दी है। इसके अलावा Nuotera Foundation ने एक ऐसा मॉडल दिखाया है जिससे इस रीसायकल PoP से स्कूलों के लिए स्टडी टेबल और फर्नीचर बनाया जा सकेगा।
कचरा प्रबंधन के लिए कौन से नए नियम लागू होंगे
शहर में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए ‘Solid Waste Management Rules, 2026’ को सख्ती से लागू किया जाएगा। यह नियम खासकर उन हाउसिंग सोसायटियों और संस्थानों के लिए जरूरी होगा जो रोजाना 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा पैदा करते हैं। इसके साथ ही, विसर्जन के दौरान मूर्तियों की निगरानी के लिए GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल होगा ताकि पर्यावरण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
कपड़ा रीसाइक्लिंग और अन्य पर्यावरण योजनाएं
NMMC केंद्र सरकार के कपड़ा मंत्रालय के साथ मिलकर भारत की पहली Textile Recycling Facility (TRF) भी विकसित कर रहा है। इसके अलावा, सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के ‘Eco Kranti’ अभियान के जरिए बायोडिग्रेडेबल उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। शहर में स्थानीय पेड़ों का plantation और जैव विविधता को बचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
PoP मूर्तियों का रीसाइक्लिंग कैसे किया जाएगा?
Institute of Chemical Technology (ICT) के प्रोजेक्ट के तहत मूर्तियों से PoP रिकवर किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल नई मूर्तियां बनाने और स्कूलों के लिए फर्नीचर तैयार करने में होगा।
नया सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम किन लोगों पर लागू होगा?
Solid Waste Management Rules, 2026 उन सभी संस्थानों और हाउसिंग सोसायटियों पर सख्ती से लागू होगा जो प्रतिदिन 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करते हैं।