Navi Mumbai के अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत, जांच में डॉक्टरों की लापरवाही नहीं मिली
Maharashtra/Navi Mumbai: नवी मुंबई के ऐरोली स्थित राजमाता जिजाऊ अस्पताल में आठ महीने की गर्भवती महिला की मौत के मामले में बड़ी अपडेट आई है। नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) द्वारा बनाई गई एक कमेटी की शुरुआती जांच में डॉक्टरों क
Maharashtra/Navi Mumbai: नवी मुंबई के ऐरोली स्थित राजमाता जिजाऊ अस्पताल में आठ महीने की गर्भवती महिला की मौत के मामले में बड़ी अपडेट आई है। नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) द्वारा बनाई गई एक कमेटी की शुरुआती जांच में डॉक्टरों की तरफ से किसी भी तरह की लापरवाही नहीं पाई गई है। सोमवार, 20 जुलाई 2026 को NMMC कमिश्नर कैलाश शिंदे ने नगर निगम की आम बैठक में यह रिपोर्ट पेश की।
जांच कमेटी के मुताबिक, सोनम डोंगरे नाम की महिला की मौत एक दवा के इंजेक्शन के कारण हुई गंभीर एलर्जिक रिएक्शन (Anaphylactic reaction) की वजह से हुई। इसके साथ ही फूड एस्पिरेशन की वजह से स्थिति और बिगड़ गई। यह घटना 1 जुलाई 2026 को हुई थी, जिसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगे थे।
इस जांच कमेटी का नेतृत्व ठाणे के सिविल सर्जन डॉ. कैलाश पवार कर रहे थे। इसमें जेजे अस्पताल के डॉ. विजय कल्यणकर और नवी मुंबई गायनेकोलॉजी एंड ऑब्सटेट्रिक्स एसोसिएशन की डॉ. सुचिता किंजवडेकर समेत फॉरेंसिक मेडिसिन और एनेस्थीसिया के एक्सपर्ट्स शामिल थे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि एक अन्य गर्भवती महिला रिचा मिश्रा को भी ऐसा ही रिएक्शन हुआ था, लेकिन उन्हें फोर्टिस अस्पताल भेजने के बाद उनकी जान बच गई। कमेटी ने प्रतिमा पाल और प्रतीक्षा खांडेकर के मामलों की भी समीक्षा की।
बता दें कि इस घटना के बाद जुलाई की शुरुआत में गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. भावना पगारे को निलंबित कर दिया गया था। एहतियात के तौर पर इंजेक्शन के सैंपल FDA को भेजे गए और उस पूरे बैच को नगर निगम के अस्पतालों से हटा लिया गया। NMMC ने अब नागरिक अस्पतालों की निगरानी के लिए स्पेशल हॉस्पिटल इंस्पेक्टर भी तैनात किए हैं। हालांकि, यह रिपोर्ट अभी शुरुआती है और FDA की लैब रिपोर्ट और जेजे अस्पताल की फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद इसमें बदलाव हो सकते हैं।