Maharashtra: नवी मुंबई के न्यू पनवेल में रहने वाले एक 51 साल के व्यक्ति George Mendonca से साइबर ठगों ने 1.09 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगों ने उन्हें शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया था। यह पूरी धोखाधड़ी
Maharashtra: नवी मुंबई के न्यू पनवेल में रहने वाले एक 51 साल के व्यक्ति George Mendonca से साइबर ठगों ने 1.09 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगों ने उन्हें शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया था। यह पूरी धोखाधड़ी मार्च से जून 2026 के बीच हुई, जिसका पता तब चला जब पीड़ित ने कंपनी के ऑफिस जाकर जांच की।
कैसे हुई ठगी और कौन थे जालसाज
ठगों ने WhatsApp ग्रुप के जरिए George Mendonca से संपर्क किया। ग्रुप के एडमिन R Venkat Raman और Tina Malhotra ने खुद को गाइड बताया और निवेश पर ज्यादा रिटर्न का वादा किया। भरोसा जीतने के लिए उन्होंने एक बड़ी फाइनेंशियल कंपनी का SEBI रजिस्ट्रेशन नंबर भी भेजा। पीड़ित ने उनकी बातों में आकर अलग-अलग किस्तों में कुल 1.09 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
धोखाधड़ी का खुलासा कैसे हुआ
जब पैसे वापस नहीं मिले, तो George Mendonca मुंबई के अंधेरी स्थित कंपनी के ऑफिस पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि Tina Malhotra नाम की कोई कर्मचारी वहां काम नहीं करती है और उनके नाम पर कोई Direct Market Access (DMA) अकाउंट भी नहीं खुला है। इसके बाद उन्होंने 3 जून 2026 को National Cyber Crime Reporting Portal (NCCRP) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद नवी मुंबई साइबर पुलिस ने FIR दर्ज की।
पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
नवी मुंबई साइबर पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर Vishal Patil ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस उन बैंक खातों को ट्रैक कर रही है जिनमें पैसा भेजा गया था ताकि उन्हें फ्रीज किया जा सके। ठगों ने पैसे को देश के अलग-अलग बैंक खातों में कई बार ट्रांसफर किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ठगों ने भरोसे के लिए क्या तरीका अपनाया?
ठगों ने पीड़ित को एक बड़ी फाइनेंशियल कंपनी का SEBI रजिस्ट्रेशन नंबर भेजा और WhatsApp ग्रुप के जरिए खुद को इन्वेस्टमेंट गाइड बताकर भारी मुनाफे का लालच दिया।
पीड़ित के साथ कितनी रकम की धोखाधड़ी हुई और कब?
न्यू पनवेल निवासी George Mendonca से 26 मार्च से 3 जून 2026 के बीच कुल 1.09 करोड़ रुपये की ठगी की गई।