Navi Mumbai में खतरनाक इमारतों की पानी और सीवर लाइन काटी, NMMC ने खाली करने की दी चेतावनी
Maharashtra: नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) ने मानसून के दौरान बड़े हादसों को रोकने के लिए एक सख्त कदम उठाया है। प्रशासन ने शहर की उन इमारतों की पानी की सप्लाई और सीवर कनेक्शन काट दिए हैं, जिन्हें C1 यानी ‘अत्यधिक खतरना
Maharashtra: नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) ने मानसून के दौरान बड़े हादसों को रोकने के लिए एक सख्त कदम उठाया है। प्रशासन ने शहर की उन इमारतों की पानी की सप्लाई और सीवर कनेक्शन काट दिए हैं, जिन्हें C1 यानी ‘अत्यधिक खतरनाक’ श्रेणी में रखा गया है। यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की गई है जिन्होंने प्रशासन की चेतावनी के बावजूद खतरनाक मकान खाली नहीं किए थे।
NMMC कमिश्नर कैलाश शिंदे ने 1 अगस्त 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया था। इसके बाद 3 अगस्त को खतरनाक इमारतों की लिस्ट जारी कर लोगों को तुरंत बाहर निकलने की चेतावनी दी गई। 4 अगस्त को निगम ने कई इमारतों के कनेक्शन काटने की प्रक्रिया पूरी की। इस तरह की कार्रवाई पहले भी की जा चुकी है, जैसे कि संपाडा की अमोली को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में 27 जून 2026 को कनेक्शन काटे गए थे, क्योंकि वहां के निवासी 2019-20 से चेतावनी को नजरअंदाज कर रहे थे।
यह पूरी कार्रवाई महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग के 5 नवंबर 2015 के सर्कुलर और महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 264 के तहत की गई है। बंबई हाई कोर्ट ने भी C1 श्रेणी की इमारतों से लोगों को बाहर निकालने के लिए बिजली, पानी और गैस जैसे कनेक्शन काटने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम ने साल 2026-27 के लिए शहर भर की 33 से 34 इमारतों को बेहद खतरनाक घोषित किया है। इनमें रिहायशी सोसायटियां, अपार्टमेंट, कमर्शियल बिल्डिंग और मार्केट कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। सबसे ज्यादा खतरा तुर्भे वार्ड में देखा गया है, जहां करीब 15 से 20 इमारतें बेहद खतरनाक स्थिति में हैं।
कमिश्नर कैलाश शिंदे ने साफ कहा है कि प्रशासन ने बार-बार लोगों को सूचित किया था कि असुरक्षित इमारतों में रहने से जान-माल का नुकसान हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर लोग अब भी इन मकानों में रहते हैं और कोई हादसा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मकान मालिकों और वहां रहने वालों की होगी। यह सख्ती इसलिए बढ़ाई गई है क्योंकि हाल ही में भिवंडी जैसे इलाकों में बिल्डिंग गिरने से 10 लोगों की मौत हुई थी।