Maharashtra: नवी मुंबई के खारघर में अब अफ्रीका और भारत के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा केंद्र बनाया जाएगा। CIDCO और Africa India Economic Foundation (AIEF) ने गुरुवार को मंत्रालय में एक समझौते पर हस्ताक्षर क
Maharashtra: नवी मुंबई के खारघर में अब अफ्रीका और भारत के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा केंद्र बनाया जाएगा। CIDCO और Africa India Economic Foundation (AIEF) ने गुरुवार को मंत्रालय में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस प्रोजेक्ट के जरिए Africa India International Development Zone (AIIDZ) और Africa India Business Centre (AIBC) की स्थापना होगी, जिसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद मौजूद रहे।
इस प्रोजेक्ट में क्या खास होगा और कौन सा हिस्सा किसका होगा?
यह पूरा केंद्र खारघर के इंटरनेशनल कॉर्पोरेट पार्क में 20 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को चलाने के लिए एक SPV (Special Purpose Vehicle) बनाया गया है, जिसमें AIEF की 74% और CIDCO की 26% हिस्सेदारी होगी। यहाँ 54 अफ्रीकी देशों के लिए ऑफिस वाला एक कमर्शियल टावर, 6,000 लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन सेंटर, एक कल्चरल रिटेल हब, अफ्रीका-इंडिया बायो डोम और गांधी-मंडेला कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा।
आम लोगों और बिजनेस को इससे क्या फायदा मिलेगा?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि खारघर का यह इलाका नए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और JNPA पोर्ट के करीब है, जिससे यह बिजनेस के लिए बेहतरीन जगह है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार के मुताबिक, इस केंद्र से छोटे उद्योगों (MSMEs) को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह सेंटर साल में 250 से ज्यादा दिनों तक इवेंट्स की मेजबानी करेगा, जिससे निवेश बढ़ेगा और महाराष्ट्र की वैश्विक पहचान मजबूत होगी।
| मुख्य विवरण |
जानकारी |
| कुल जमीन |
20 एकड़ (खारघर) |
| हिस्सेदारी (AIEF) |
74% |
| हिस्सेदारी (CIDCO) |
26% |
| तैयार होने का समय |
5 से 6 साल |
| वर्तमान भारत-अफ्रीका साझेदारी |
लगभग 96 बिलियन USD |
Frequently Asked Questions (FAQs)
Africa India Business Centre कहाँ बनेगा और इसमें क्या होगा?
यह नवी मुंबई के खारघर में 20 एकड़ जमीन पर बनेगा। इसमें अफ्रीकी देशों के लिए ऑफिस टावर, कन्वेंशन सेंटर, बायो डोम और गांधी-मंडेला कन्वेंशन सेंटर जैसी सुविधाएं होंगी।
इस प्रोजेक्ट से रोजगार पर क्या असर पड़ेगा?
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार के अनुसार, यह केंद्र MSMEs के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा और क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा।