Maharashtra: नवी मुंबई के कामोथे इलाके में रहने वाले एक 52 साल के व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को IRDAI का अधिकारी बताकर व्यक्ति से 6.1 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने पीड़ित को भरोसा दिलाया क
Maharashtra: नवी मुंबई के कामोथे इलाके में रहने वाले एक 52 साल के व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को IRDAI का अधिकारी बताकर व्यक्ति से 6.1 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि उसकी लैप्स हो चुकी 13 लाख रुपये की बीमा राशि वापस दिलवा देंगे।
ठगी का तरीका क्या था और कैसे हुई वारदात
यह पूरी घटना 23 मार्च 2026 से 6 मई 2026 के बीच हुई। ठगों ने पीड़ित को फोन किया और खुद को IRDAI का प्रतिनिधि बताया। भरोसा जीतने के लिए उन्होंने एक फर्जी IRDAI दस्तावेज भी भेजा। इसके बाद सरकारी फीस के नाम पर अलग-अलग किस्तों में पीड़ित से कुल 6.1 लाख रुपये वसूल लिए।
पुलिस की कार्रवाई और IRDAI की चेतावनी
पीड़ित ने पहले National Cyber Crime Reporting Portal (NCCRP) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद 2 जून 2026 को कामोथे पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई। पुलिस ने चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। IRDAI ने पहले ही जनता को आगाह किया है कि वह सीधे तौर पर कोई बीमा उत्पाद नहीं बेचता और न ही बोनस की घोषणा करता है।
सावधान रहें: IRDAI के जरूरी नियम
- IRDAI कभी भी प्रतिनिधियों के जरिए बीमा या वित्तीय उत्पाद नहीं बेचता है।
- प्रीमियम का निवेश या पॉलिसीधारकों के लिए बोनस की घोषणा IRDAI नहीं करता है।
- किसी भी संदिग्ध कॉल या फर्जी वेबसाइट (जैसे policyholdergov.org) से सावधान रहें।
- सभी लेन-देन केवल सीधे बीमा कंपनियों के माध्यम से ही करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IRDAI के नाम पर होने वाली ठगी से कैसे बचें?
IRDAI कभी भी सीधे कॉल करके बीमा नहीं बेचता या बोनस का लालच नहीं देता। किसी भी अनजान व्यक्ति को सरकारी फीस के नाम पर पैसे न दें और केवल आधिकारिक बीमा कंपनी से ही संपर्क करें।
साइबर ठगी होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
ठगी का शिकार होने पर तुरंत National Cyber Crime Reporting Portal (NCCRP) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करवाएं।