Navi Mumbai के सरकारी अस्पताल में लापरवाही का आरोप, 2 गर्भवती महिलाओं की मौत, डॉक्टर सस्पेंड
Maharashtra/Navi Mumbai: नवी मुंबई के ऐरोली स्थित राजमाता जिजाऊ नगर पालिका अस्पताल में इलाज के दौरान दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा हुआ और लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। एक अन्य
Maharashtra/Navi Mumbai: नवी मुंबई के ऐरोली स्थित राजमाता जिजाऊ नगर पालिका अस्पताल में इलाज के दौरान दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा हुआ और लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। एक अन्य महिला की हालत नाजुक बनी हुई है, जिसने अब सुधार दिखाना शुरू किया है।
जानकारी के मुताबिक, 23 साल की सोनम डोंगरे, जो आठ महीने की गर्भवती थीं, उन्हें 30 जून 2026 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 1 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसी तरह रिचा मिश्रा नाम की एक और गर्भवती महिला की हालत इंजेक्शन लगने के बाद गंभीर हो गई थी, जिन्हें बाद में एक प्राइवेट अस्पताल भेजा गया। रिचा अब वेंटिलेटर से हट चुकी हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस मामले में नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) के कमिश्नर डॉ. कैलाश शिंदे ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. भावना पगारे को लापरवाही के प्राथमिक सबूतों के आधार पर 2 जुलाई 2026 से तुरंत सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम और सिविल सेवा नियमों के तहत की गई है।
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश म्हात्रे ने बताया कि सोनम डोंगरे को बच्चे के फेफड़ों के विकास के लिए डेक्सामेथासोन (Dexamethasone) नाम का स्टेरॉयड इंजेक्शन दिया गया था। संदेह होने पर इस इंजेक्शन के सैंपल FDA (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) को जांच के लिए भेज दिए गए हैं। अस्पताल को फिलहाल इस बैच के इंजेक्शनों का इस्तेमाल रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
घटना के बाद MNS, शिवसेना (शिंदे गुट) और NCP (शरद पवार गुट) जैसी राजनीतिक पार्टियों ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक विशेष कमेटी बनाई है जिसमें ठाणे जिला सिविल सर्जन और जेजे अस्पताल के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह कमेटी 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।