Maharashtra: नवी मुंबई के नेरुल इलाके में स्थित DPS Flamingo Lake की हालत खराब हो गई है। हाल ही में हुई लैब जांच में पता चला है कि झील के पास के नाले से गंदा पानी अंदर जा रहा है, जिससे पानी जहरीला हो गया है। इस प्रदूषण क
Maharashtra: नवी मुंबई के नेरुल इलाके में स्थित DPS Flamingo Lake की हालत खराब हो गई है। हाल ही में हुई लैब जांच में पता चला है कि झील के पास के नाले से गंदा पानी अंदर जा रहा है, जिससे पानी जहरीला हो गया है। इस प्रदूषण की वजह से इस बार फ्लेमिंगो पक्षी यहां नहीं आए हैं, जो पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा है।
पानी की जांच में क्या कमियां मिलीं?
SSAS Laboratory की रिपोर्ट के मुताबिक, झील के पानी में कई खतरनाक बदलाव देखे गए हैं। पानी का pH लेवल 9.12 तक पहुंच गया है, जबकि यह 6.5 से 8.5 के बीच होना चाहिए। इसके अलावा, पानी में घुले हुए ठोस पदार्थ (TDS) की मात्रा 7,950 mg/L पाई गई, जो तय सीमा 2,100 mg/L से बहुत ज्यादा है।
| पैरामीटर |
जांच में मिला स्तर |
मानक सीमा (Limit) |
| pH लेवल |
9.12 |
6.5 से 8.5 |
| TDS |
7,950 mg/L |
2,100 mg/L तक |
| BOD |
36.4 mg/L |
30 mg/L तक |
प्रदूषण का असर और प्रशासन की कार्रवाई
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि CIDCO ने बुनियादी ढांचे के काम के दौरान झील के दक्षिणी चैनल को बंद कर दिया, जिससे पानी रुक गया और गंदगी बढ़ गई। इसे ठीक करने के लिए ‘Operation DPS Flamingo Lake cleanup’ चलाया गया, जिसमें अब तक करीब 4 टन काई (algae) निकाली गई है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक प्राकृतिक बहाव वापस नहीं आएगा, यह समस्या बनी रहेगी।
सरकार और संस्थाओं का क्या कहना है?
NatConnect Foundation ने इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और मुख्यमंत्री से की है। इसके बाद केंद्र सरकार के MoEFCC ने महाराष्ट्र राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण (State Wetland Authority) को तुरंत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। Wetlands Rules 2017 के तहत किसी भी वेटलैंड में बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी डालना मना है। महाराष्ट्र राज्य वन्यजीव बोर्ड ने अप्रैल 2025 में इस झील को ‘कंजर्वेशन रिजर्व’ घोषित किया था, लेकिन प्रशासनिक देरी की वजह से इसकी सुरक्षा में कमी रही।