Maharashtra: नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) को और बड़ा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में हवाई ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए Cidco ने एयरपोर्ट पर तीसरे रनवे की संभावनाओं को
Maharashtra: नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) को और बड़ा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में हवाई ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए Cidco ने एयरपोर्ट पर तीसरे रनवे की संभावनाओं को जांचने का फैसला किया है। इसके लिए RITES Ltd और Creative Group LLP की एक संयुक्त टीम को काम सौंपा गया है।
तीसरे रनवे की जरूरत क्यों पड़ी?
Cidco के वाइस चेयरमैन और एमडी विजय सिंघल ने बताया कि नवी मुंबई एयरपोर्ट को एक वर्ल्ड क्लास हब बनाना है। आने वाले समय में हवाई यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ने वाली है। अनुमान है कि 2040 तक मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में सालाना 150 मिलियन यात्री हो सकते हैं, जो 2050 तक बढ़कर 240 मिलियन तक पहुंच सकते हैं। इस भारी भीड़ को संभालने और एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए तीसरा रनवे जरूरी है।
इस स्टडी में क्या-क्या जांचा जाएगा?
नियुक्त की गई टीम अगले छह महीनों में अपनी रिपोर्ट देगी। इस दौरान वे कई जरूरी पहलुओं पर गौर करेंगे:
- तीसरे रनवे को बनाने में आने वाली तकनीकी दिक्कतें और समाधान।
- रनवे बनने के बाद एयरपोर्ट के कामकाज की रफ्तार और कुशलता।
- पर्यावरण पर पड़ने वाला असर और प्रोजेक्ट का कुल खर्च।
- भविष्य में हवाई ट्रैफिक की मांग को पूरा करने की क्षमता।
प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण |
जानकारी |
| काम सौंपने वाली संस्था |
Cidco |
| परामर्शदाता टीम |
RITES Ltd और Creative Group LLP |
| स्टडी की समय सीमा |
6 महीने |
| एयरपोर्ट की कुल क्षमता |
90 MPPA यात्री और 3.2 मिलियन टन कार्गो |
| रिव्यू मीटिंग की तारीख |
15 अप्रैल, 2026 |