Finance: हवाई यात्रा और एविएशन सेक्टर में इस हफ्ते कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। नवी मुंबई एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी हुई है, वहीं एयर इंडिया के कामकाज में सिंगापुर एयरलाइंस की भूमिका बढ़ गई है। साथ ही
Finance: हवाई यात्रा और एविएशन सेक्टर में इस हफ्ते कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। नवी मुंबई एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी हुई है, वहीं एयर इंडिया के कामकाज में सिंगापुर एयरलाइंस की भूमिका बढ़ गई है। साथ ही, सरकार ने विमानों के ईंधन में एथेनॉल मिलाने के नए नियम लागू कर दिए हैं, जिससे आने वाले समय में तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी।
Navi Mumbai Airport से विदेश जाना क्यों हुआ मुश्किल?
Adani Group द्वारा संचालित Navi Mumbai International Airport से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने में अब देरी होगी। पहले ये सेवाएँ 29 मार्च 2026 से शुरू होनी थीं, लेकिन मिडिल ईस्ट में तनाव और जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों की वजह से इसे अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। IndiGo ने भी अपनी अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है। हालांकि, घरेलू उड़ानें सही चल रही हैं और 5 करोड़ यात्रियों की क्षमता वाले नए टर्मिनल का काम समय पर पूरा हो रहा है।
Air India और Singapore Airlines के बीच क्या बदला?
Singapore Airlines (SIA) अब Air India के कामकाज में ज्यादा गहराई से शामिल हो रही है। SIA ने अपने अधिकारियों को फ्लाइट ऑपरेशंस, इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस जैसे जरूरी विभागों में तैनात करना शुरू कर दिया है। बता दें कि SIA की एयर इंडिया में 25.1% हिस्सेदारी है, जबकि Tata Group 74.9% मालिक है। यह कदम एयर इंडिया के भारी नुकसान और सुरक्षा खामियों को सुधारने के लिए उठाया गया है।
विमान ईंधन (ATF) के नए नियम क्या हैं?
भारत सरकार ने Aviation Turbine Fuel (ATF) में एथेनॉल और सिंथेटिक हाइड्रोकार्बन मिलाने की आधिकारिक अनुमति दे दी है। यह नियम 17 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है। इसका मुख्य मकसद प्रदूषण कम करना और विदेशी तेल पर निर्भरता घटाना है।
- 2027 तक: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 1% Sustainable Aviation Fuel (SAF) का लक्ष्य।
- 2028 तक: इस लक्ष्य को बढ़ाकर 2% किया जाएगा।
- 2030 तक: इसे 5% तक ले जाने की योजना है।