Maharashtra में कर्ज माफी को लेकर घमासान, MVA ने सरकार पर लगाया ‘56% कमीशन’ का आरोप
Maharashtra: मानसून सत्र की शुरुआत से पहले राज्य की राजनीति में गर्माहट आ गई है। विपक्षी गठबंधन MVA ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा आयोजित पारंपरिक टी-पार्टी का बहिष्कार किया। MVA ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए क
Maharashtra: मानसून सत्र की शुरुआत से पहले राज्य की राजनीति में गर्माहट आ गई है। विपक्षी गठबंधन MVA ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा आयोजित पारंपरिक टी-पार्टी का बहिष्कार किया। MVA ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्ज माफी योजना किसानों को धोखा देने वाली है और राज्य में सूखे की स्थिति घोषित की जानी चाहिए।
MVA ने मुख्यमंत्री को छह पन्नों का एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें कर्ज माफी के अलावा NEET परीक्षा विवाद और विपक्ष के नेता की नियुक्ति जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। शिव सेना (UBT) के विधायक भास्कर जाधव ने आरोप लगाया कि सरकार की कर्ज माफी योजना भ्रामक है और इसमें ऐसी शर्तें जोड़ी गई हैं जिससे किसान फंस रहे हैं। उन्होंने मांग की कि किसानों के 7/12 लैंड एक्सट्रैक्ट (भूमि रिकॉर्ड) को बिना किसी शर्त के क्लियर किया जाए।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस एमएलसी सतेज पाटिल ने महायुति सरकार को ’56 प्रतिशत कमीशन सरकार’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कामों में भ्रष्टाचार संस्थागत हो गया है और ठेकेदारों के 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के बिल लंबित हैं।
किसानों की हालत पर चिंता जताते हुए MVA नेताओं ने कहा कि देरी से बुवाई और पानी की भारी कमी के कारण राज्य में सूखे जैसी स्थिति बन गई है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के बांधों में जल स्तर गिरकर 23.54% रह गया है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 36,585 करोड़ रुपये की कर्ज माफी योजना का बचाव किया। उन्होंने बताया कि जून की बारिश औसत से 80% रही है और पानी का कुल भंडारण 24% है। सरकार IMD की सलाह के आधार पर किसानों को निर्देश दे रही है और जल संरक्षण प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने पर काम कर रही है।