Bihar: मुजफ्फरपुर में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। देशभर के करीब 22.79 लाख छात्र इस पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं। केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच CBI को
Bihar: मुजफ्फरपुर में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। देशभर के करीब 22.79 लाख छात्र इस पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं। केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंप दी है और परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी की है।
NEET UG 2026 पेपर लीक का पूरा मामला क्या है?
NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को हुई थी। इसके बाद 7 मई को NTA को पेपर लीक की शिकायत मिली थी। जांच में पाया गया कि सोशल मीडिया पर गेस पेपर के नाम से असली सवाल फैलाए गए थे। इस गड़बड़ी के कारण 12 मई को NTA ने पूरी परीक्षा रद्द कर दी। CBI ने इस मामले में जयपुर, गुरुग्राम और नाशिक से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। बिहार में भी एक सॉल्वर गैंग पकड़ा गया है जो एक सीट के लिए 50 से 60 लाख रुपये ले रहा था। मुजफ्फरपुर के मनोज कुमार समेत कई लोग इस मामले में पकड़े गए हैं।
दोबारा परीक्षा कब होगी और क्या नियम रहेंगे?
NTA ने घोषणा की है कि NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून 2026 को होगी। छात्रों को राहत देते हुए सरकार ने कहा है कि दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है और न ही कोई अतिरिक्त फीस ली जाएगी। पुराने परीक्षा केंद्र और डेटा ही मान्य रहेंगे। छात्रों को अपनी पसंद का शहर दोबारा चुनने का मौका मिलेगा और परीक्षा के दौरान 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
भविष्य में परीक्षा के लिए क्या बदलाव होंगे?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने पेपर लीक की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि अगले साल से NEET की परीक्षा अब पेन-पेपर की जगह कंप्यूटर आधारित (Computer Based Test) होगी ताकि धांधली रोकी जा सके। साथ ही, अब इस मामले में पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024 लागू होगा, जिसमें संगठित अपराध के लिए 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा कब है?
NTA ने दोबारा परीक्षा की तारीख 21 जून 2026 तय की है। इसके लिए छात्रों को कोई नई फीस नहीं देनी होगी।
पेपर लीक मामले में क्या सजा मिल सकती है?
पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024 के तहत संगठित तरीके से पेपर लीक करने वालों को जेल की सजा और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।