Muzaffarnagar में दिल्ली-पौड़ी हाईवे खस्ताहाल, कांवड़ यात्रा से पहले गड्ढों से परेशान राहगीर
Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर जनपद में दिल्ली-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 119) की हालत काफी खराब है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने की वजह से लोगों को आने-जाने में काफी मुश्किल हो रही है। कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है, ले
Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर जनपद में दिल्ली-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 119) की हालत काफी खराब है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने की वजह से लोगों को आने-जाने में काफी मुश्किल हो रही है। कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है, लेकिन प्रशासन द्वारा समय पर मरम्मत न किए जाने के कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
हाल ही में 10 जुलाई 2026 को लगातार बारिश की वजह से मीरापुर के देवल गांव के पास हाईवे का एक हिस्सा ढह गया था, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया। हालांकि, 11 जुलाई तक ट्रैफिक को फिर से चालू कर दिया गया और 12 जुलाई को सड़क की मरम्मत का काम तय किया गया था। इसके अलावा, 15 जुलाई की रात को पुरकजी के खदर चौक के पास कांवड़ियों और एक पिकअप वाहन के बीच विवाद हुआ, जिसमें वाहन में तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और जांच शुरू कर दी है।
कांवड़ यात्रा 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगी। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए मुजफ्फरनगर को 9 जोन और 81 सेक्टर में बांटा है और 2,500 CCTV कैमरे लगाए हैं। SSP संजय कुमार वर्मा ने बताया कि सुरक्षा, लाइटिंग और निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। डीजे कांवड़ियों के लिए नियम तय किए गए हैं, जिसमें ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, साथ ही ध्वनि स्तर 75 डेसिबल तक सीमित रहेगा।
ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। 28 जुलाई से 12 अगस्त तक मेरठ और मुजफ्फरनगर से हरिद्वार जाने वाले कांवड़ वाहनों को मंडावर, नांगल और मंडावली-भागुवाला के रास्ते भेजा जाएगा। हल्के वाहनों के लिए गंगा बैराज, सेंट मैरी चौक और कोटद्वार बाईपास जैसे वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं। इस दौरान हरिद्वार की ओर जाने वाले भारी वाहनों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
NHAI ने जून 2025 में ही यूपी और उत्तराखंड प्रशासन के साथ बैठक कर जलभराव, गड्ढों और स्ट्रीट लाइटिंग को ठीक करने के निर्देश दिए थे। मुजफ्फरनगर जिले में हाईवे 34 का 80% काम पूरा हो चुका है, जबकि सिक्रेड़ा, केलापुर जसमोरे और देवल में अभी काम चल रहा है। PWD ने दिल्ली-मेरठ रोड के गड्ढों को भरने के लिए बजट की मांग की है और जल्द मरम्मत का भरोसा दिया है।