Muzaffarnagar में बेसमेंट में चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील किया, लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन सख्त
Muzaffarnagar: लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों की जांच कर रहा है। इसी कड़ी में मुजफ्फरनगर के मीरापुर इलाके में स्थित अथर्व हॉस्पिटल के बेसमेंट में चल रहे अल्ट्रासाउंड सें
Muzaffarnagar: लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों की जांच कर रहा है। इसी कड़ी में मुजफ्फरनगर के मीरापुर इलाके में स्थित अथर्व हॉस्पिटल के बेसमेंट में चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर को प्रशासन ने सील कर दिया है। यह कार्रवाई सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुरक्षा ऑडिट अभियान का हिस्सा है ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं कि राज्य का कोई भी कोचिंग सेंटर या नर्सिंग होम बेसमेंट से संचालित नहीं होगा। उन्होंने साफ कहा है कि अगर बेसमेंट पार्किंग के लिए बना है, तो उसका इस्तेमाल केवल पार्किंग के लिए ही होना चाहिए। अब अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और शॉपिंग मॉल जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की फायर सेफ्टी ऑडिट कराई जा रही है।
मुजफ्फरनगर में इस अभियान के दौरान अब तक 24 संस्थानों को सील किया गया है और 35 को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें अस्पताल के साथ-साथ कोचिंग सेंटर और दुकानें भी शामिल हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार ने बताया कि इसके लिए पांच टीमें बनाई गई हैं जो विशेष रूप से बेसमेंट में चल रहे संस्थानों और बिना फायर सेफ्टी उपकरणों वाले केंद्रों पर कार्रवाई कर रही हैं।
इस बीच, राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने ताबड़तोड़ सीलिंग पर अपनी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जिन जगहों पर कमियां हैं, उन्हें पहले नोटिस देकर सुधार का मौका देना चाहिए ताकि व्यापार प्रभावित न हो। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील तेवतिया ने स्पष्ट किया है कि बिना मानकों के चिकित्सा सेवाएं देने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य स्तर पर पिछले तीन दिनों में 485 से ज्यादा भवन सील हुए हैं और 2,000 से अधिक संस्थानों को नोटिस भेजे गए हैं।