Bihar: मुंगेर जिले ने दिव्यांगजनों के लिए यूनिक डिसेबिलिटी आइडेंटिटी (UDID) कार्ड बनाने में पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। जिले ने 71 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है, जिससे यहाँ के दिव्यांग लोगों को सरकारी योजनाओं
Bihar: मुंगेर जिले ने दिव्यांगजनों के लिए यूनिक डिसेबिलिटी आइडेंटिटी (UDID) कार्ड बनाने में पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। जिले ने 71 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है, जिससे यहाँ के दिव्यांग लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेना आसान हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता की वजह से यह मुकाम मिला है।
मुंगेर में अब तक कितने कार्ड बने और क्या है स्थिति
मुंगेर स्वास्थ्य विभाग ने 25 मई 2026 तक कुल 15,077 दिव्यांग व्यक्तियों को UDID कार्ड जारी कर दिए हैं। वर्तमान में जिले में 2,574 आवेदन अभी पेंडिंग हैं, जिन्हें पूरा करने का काम जारी है। सिविल सर्जन Dr. Raju ने बताया कि कार्ड बनाने के लिए हर गुरुवार को सदर अस्पताल में ‘दिव्यांग बोर्ड’ कैंप लगाया जा रहा है, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टर जांच करते हैं और जांच के एक हफ्ते के भीतर कार्ड मिल जाता है।
UDID कार्ड क्यों है जरूरी और कैसे करें आवेदन
1 जून 2026 से हाथ से बने पुराने दिव्यांग प्रमाण पत्र अब मान्य नहीं रहेंगे। सरकारी योजनाओं और लाभों को पाने के लिए अब UDID कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। जो लोग आवेदन करना चाहते हैं, वे swavlambancard.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड होना जरूरी है। कार्ड दिव्यांगता के स्तर के हिसाब से तीन रंगों (सफेद, पीला और नीला) में जारी किए जाते हैं।
बिहार में पूरे राज्य की क्या है प्रोग्रेस
बिहार के समाज कल्याण विभाग की सचिव Bandana Preyashi के अनुसार, पूरे राज्य में अब तक 6.16 लाख से ज्यादा UDID कार्ड जारी किए जा चुके हैं। राज्य स्तर पर करीब 1.01 लाख आवेदन अभी बाकी हैं, जिन्हें जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव H.R. Srinivas ने सभी जिलों को रैंकिंग लिस्ट जारी कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UDID कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें और क्या दस्तावेज चाहिए
UDID कार्ड के लिए swavlambancard.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है और इसके बाद मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच की जाती है।
क्या पुराने हाथ से बने दिव्यांग सर्टिफिकेट अब चलेंगे
नहीं, 1 जून 2026 से पुराने मैनुअल सर्टिफिकेट मान्य नहीं होंगे। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब UDID कार्ड होना जरूरी है।